Trump Threat NATO : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट पर NATO के सहयोग न मिलने को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.उन्होंने NATO देशों को चेतावनी देते हुए इसे “बहुत बड़ी भूल” बताया और कहा कि अमेरिका इस स्थिति को अकेले भी संभाल सकता है. यह बयान G7 बैठक से ठीक पहले सामने आया है, जहां Marco Rubio यूरोपीय सहयोगियों से ईरान के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बड़ी बाते कहीं.
🚨 ट्रंप —
“मैंने दुनिया पर बहुत बड़ा उपकार किया है, लेकिन दुनिया ने बदले में ऐसा नहीं किया।” 😳
“हम नाटो को अरबों-खरबों डॉलर देते रहे हैं, सालों से तो खरबों डॉलर भी।”
“मैंने उनसे जलडमरूमध्य में हस्तक्षेप करने और मदद करने का अनुरोध किया था, लेकिन वे इसमें शामिल नहीं होना… pic.twitter.com/IRGRhiVeF1
— ममता ट्राबल (@Mamtasulaniya) March 27, 2026
Trump Threat NATO : NATO पर ‘लॉयल्टी टेस्ट’ में फेल होने का आरोप
NATO पर नाराजगी जताते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने NATO पर “सैकड़ों अरब डॉलर” खर्च किए हैं लेकिन जब होर्मुज में मदद मांगा तो सहयोगी देश पीछे हट गए. ट्रंप ने नाटो देशों को धमकी देते हुए कहा कि इस इस ‘बेहद महत्वपूर्ण मोड़ को कभी मत भूलना”. प्रसिडेंट ट्रंप ने इसे NATO की “very foolish mistake” बताया. ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि यह एक तरह का संबंधो में विश्वस का टेस्ट (loyalty test) था, जिसमें NATO असफल रहा.
Strait of Hormuz को लेकर क्यों है इतनी तनातनी ?
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्ग है. यहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है.ईरान ने ड्रोन, मिसाइल और माइन्स के जरिए इश मार्ग को पूरीू तरह से बंद कर रखा है जिसके कारण वैश्विक शिपिंग और तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है. स्ट्रेट ञफ हार्मुज के बंद होने के कारण पूरी दुनिया में तेल कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है और उर्जा संकट खड़ा हो गया है.
अमेरिका-ईरान युद्ध और NATO की दूरी
करीब एक महीने से United States और Iran के बीच तनाव चरम पर है, जिसमें Israel भी शामिल है. अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए.जवाब में ईरान ने होर्मुज को लगभग बंद कर दिया. ईरान के बराबरी वाले हमले के बाद ट्रंप ने यूरोप के अपने सहयोगी देशों को मदद के लिए बुलाया तो NATO में शामिल सहयोगी देशों ने इसे “यूरोप का युद्ध नहीं” बता कर किनार कर लिया. जर्मनी, फ्रांस और स्पेन जैसे देशों ने साफ कह दिया कि वो ईरान जेसे देश से संघर्ष के लिए अपनी नौसेना नहीं भेजेंगे.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का बयान
विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी NATO पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका ने हर युद्ध में सहयोगियों की मदद की है. यूक्रेन में सबसे ज्यादा योगदान अमेरिका का रहा लेकिन जब अमेरिका को जरूरत पड़ी, तो सहयोग नहीं मिला.
अमेरिका नाटो के बीच बढ़ी दूरी…
होर्मुज संकट ने सिर्फ मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों को भी झकझोर दिया है. Donald Trump का कड़ा रुख साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में NATO की एकजुटता और वैश्विक रणनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है.अमेरिका भले ही अकेले कार्रवाई की बात कर रहा हो, लेकिन यह संकट दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है.

