Wireless Emergency Alert : शनिवार को सुबह करीब 11.42 मिनट पर स्मार्ट फोन यूजर्स के मोबाइल फोन पर अचानक एक तेज रिंग या किसी किसी के फोन में एलर्ट बीप सुनाई दिया. मोबाइल यूजर्स को इस एलर्ट के साथ एक फ्लैश मैसेज भी मिला. अचानक आए इस अलर्ट ने बहुत से लोगों को चौंका दिया, लेकिन इस अलर्ट को लेकर घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. दरअसल ये भारत सरकार के द्वारा किया गया एक सिक्योरिटी एलर्ट का तकनीकी परीक्षण था.
Wireless Emergency Alert : क्या था यह अलर्ट?
यह संदेश ‘वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट’ (Wireless Emergency Alert) सिस्टम का एक हिस्सा था. इसे दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से भेजा गया था. इसका मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों (जैसे बाढ़, भूकंप या सुनामी) के दौरान लोगों को समय रहते सूचित करना है.
अलर्ट की मुख्य विशेषताएं:
य़े एलर्ट एक साथ देशभर के लोगों के फोन पर सुबह 11:30 बजे से लेकर 12:00 के बीच बजा.फोन के साइलेंट मोड पर होने के बावजूद एक तेज़ ‘सायरन’ जैसी आवाज़ सुनाई दी. इस सायरन के साथ सभी के फोन पर हिंदी और अंग्रेजी भाषा में एक मैसेज के रुप मे सूचना मिली. जिसमें स्पष्ट लिखा था कि यह एक “नमुना परीक्षण संदेश” (Sample Testing Message) है और इसके लिए उपयोगकर्ता को कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है.
सरकार यह परीक्षण क्यों कर रही है?
सरकार अपनी आपदा प्रबंधन तैयारियों को आधुनिक बना रही है. इस सिस्टम के पीछे कई बड़े कारण हैं:-
- त्वरित सूचना: रेडियो या टीवी की तुलना में मोबाइल के माध्यम से लाखों लोगों तक सेकंडों में पहुँचा जा सकता है.
- सटीकता: इसके जरिए किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र (जैसे किसी खास शहर या जिले) के लोगों को ही टारगेट किया जा सकता है जहाँ खतरा मंडरा रहा हो.
- जान-माल की सुरक्षा: समय पर चेतावनी मिलने से लोग सुरक्षित स्थानों पर जा सकते हैं, जिससे आपदा के दौरान हताहतों की संख्या कम की जा सकती है.
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक (Cell Broadcast Technology)
यह सिस्टम सामान्य SMS से अलग ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक पर काम करता है. यानी कि इस तकनीक को इंटरनेट के होने या ना होने से फर्क नहीं पड़ता है.बस इतना जरुरी है की फोन मोबाइल नेटवर्क में हो. आम तौर पर नेटवर्क पर भीड़ होने के कारण सामान्य मैसेज नेटवर्क जाम होने पर रुक सकते हैं, लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट हर हाल में डिलीवर होता है. इस एलर्ट के लिए नंबर की जरूरत भी नहीं है. इसके लिए सरकार को आपके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती है. ऐसे एलर्ट उस टावर के दायरे में आने वाले सभी फोन पर सिग्नल भेजता है.
अगर आपके फोन पर भी ऐसा अलर्ट आया है, तो यह संकेत है कि आपका डिवाइस और आपका नेटवर्क ऑपरेटर सरकारी सुरक्षा प्रणाली से जुड़े हुए हैं. यह तकनीक भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एक जीवन रक्षक (Life Saver) साबित होगी.

