2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, बॉलीवुड फिल्म धुरंधर Dhurandhar से प्रेरित पोस्टर, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को टारगेट करते हुए, लखनऊ और अमेठी के कुछ हिस्सों में लगाए गए हैं.
“आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर CM? ”
न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेठी रेलवे स्टेशन के बाहर और अलग-अलग चौराहों पर लगाए गए इन पोस्टरों पर नारा लिखा है, “आपको क्या चाहिए? अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर CM? ”
“ल्यारी” का ज़िक्र पाकिस्तान के कराची के एक इलाके की ओर इशारा करता है, जो कभी गैंग हिंसा के लिए जाना जाता था, जिसका ज़िक्र फ़िल्म में भी है. ऐसा लगता है कि इस मैसेज का मकसद उस इमेज और समाजवादी पार्टी नेता के कार्यकाल के बीच तुलना करना है.
किसने लगाए हैं Dhurandhar से प्रेरित पोस्टर
मंगलवार को लखनऊ में भी कई जगहों से ऐसे ही होर्डिंग्स देखे गए. खबर है कि ये होर्डिंग्स खुद को “यूथ अगेंस्ट माफिया” कहने वाले एक ग्रुप ने लगाए हैं. पोस्टरों में यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए हुई हिंसा और दंगों की कथित घटनाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तहत माफिया और अपराधियों पर मौजूदा सरकार की कार्रवाई से मिलाकर दिखाया गया है.
पोस्टरों पर संगठन के पदाधिकारियों के नाम और तस्वीरें हैं, जिसमें इसके एग्जीक्यूटिव प्रेसिडेंट, जनरल सेक्रेटरी और प्रतापगढ़ इंचार्ज शामिल हैं.
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हटाए पोस्टर, दी चेतावनी
समाजवादी पार्टी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और इसे राजनीति से प्रेरित बताया है. अमेठी में पार्टी के प्रवक्ता, एडवोकेट राजेश मिश्रा ने कहा कि पोस्टर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी सरकार की “निराशा और हताशा” दिखाते हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे हथकंडे इसलिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं क्योंकि BJP को एहसास हो गया है कि वह सत्ता में वापस नहीं आएगी, और कहा कि जनता इन “गुमराह करने की कोशिशों” के बारे में जानती है.
स्थानीय अधिकारियों ने इस मामले पर ध्यान दिया है. अमेठी पुलिस स्टेशन इंचार्ज रवि सिंह ने कहा कि पोस्टरों के बारे में जानकारी मिली थी और एक टीम को जगहों पर भेज दिया गया था.
वहीं सोशल मीडिया पर पोस्टर फाड़ने के एक वीडियों के साथ श्याम यादव एसपी नाम के यूज़र ने लिखा है, “घोर निंदनीय! लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा दूषित मानसिकता के तहत माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है. आशुतोष सिंह और अभिनव तिवारी जैसे लोग अंधभक्ति में ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जो पूरी तरह नाक़ाबिल-ए-बर्दाश्त हैं. हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो समाजवादी कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे. ”
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