धराली में बादल फटने से आई तबाही…घऱ,होटल,दुकान समेत पूरा गांव बहा,सेना ने संभाला मोर्चा

Dharali Cloud Burst : उत्तराखंड के उत्तर काशी में बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी है.  गांव के लोगों का कहना है कि तेज बहाव के बाद गांव के 60 से 70 लोग लापता है. कई लोगों के मौत की भी आशंका है. मंगलवार दोपहर को आई इस आपदा में कम से कम 4 लोगों की मौत की खबर कंफर्म हो गई है. पहाड़ों से बहकर आ रहे मलबे के कारण गांव के सैंकड़ों घर बह गये. यहां तक की होटल और बाजार भी बह गये हैं.चारो तरफ तबाही का आलम है.

Dharali Cloud Burst : हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, दिये निर्देश 

इस हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताया है. प्रशासन के द्वारा मदद की गुहार के बाद सेना के जवान इलाके में उतर आये हैं. पीएम मोदी ने इलाके में हर संभव मदद पहुचाने के निर्देश दिये हैं. प्रशासन के द्व्रारा राहत कार्य के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

लोग इस नंबर पर कॉल करके मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं.

हेल्पलाइन नंबर — 01374222126, 9456556431 .

स्थानीय लोगों के मुताबिक दोपहर करीब  1.45 बजे जलजला सा आया.अचानक पहाड़ों से नीचे की तरफ सैलाब उतर आया और पूरे धराली गांव में तबाही मच गई. जो जहां था वही थम गया. जब लोगों को समझ आया तब तक 60 से 70 लोग लापता हो चुके थे. ये लोग या तो पानी की तेज घार में या तो बह गये या पहाड़ों से आ रहे मलबे के नीचे दब गये हैं. लापता लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.

कल रात से हो रही है बारिश

उत्तरकाशी के इस इलाके में कल रात से मूसलाधार बारिश हो रही है. इसी दौरान बादल फटने की घटना हुई. बादल फटने के बाद खीरगंगा नदी में पानी भर गया और भारी तबाही मच गई. लोगों का कहना है कि इस मंजर के देखकर उन्हें 2013 में केदारनाथ में आई त्रासदी की याद आ गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक पहाड़ों से आये मलबे में 100 से अधिक लोग दबे हुए हैं. सेना इलाके में तैनात है और राहत बचाव का काम शुरु कर दिया गया है.

रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाये गये 15 से 20 लोग

घटना जिस स्थान पर ही है उस स्थान से करीब 4 किलोमीटर दूर सेना का का कैंप हैय इस लिए हदासे की जानकारी मिलते ही तुरंत सेना के जवान पहुंच गये और और लोगो को बचाने का काम शुरु कर दिया. 15 से 20 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है, और घायलों को हर्षिल में सेना के मेडिकल सेंटर में प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया है. रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है लेकिन तेज बारिश के कारण हालात काफी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.

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