जयशंकर, रेखा गुप्ता, केजरीवाल, आडवाणी को SIR नोटिस? दिल्ली में लाखों को EC का नोटिस, जाने-माने नामों की देखिए पूरी लिस्ट

Delhi SIR: दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान करीब 33 लाख वोटर्स को नोटिस जारी किए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और BJP के बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी शामिल हैं.
जिन 33.13 लाख वोटर्स को फ़्लैग किया गया, उनमें से 19.33 लाख को “लॉजिकल डिसकेंसीज़” कैटेगरी में रखा गया, जबकि 13.79 लाख को “नो मैपिंग” के तहत लिस्ट किया गया. नोटिस-और-डिस्पोज़ल प्रोसेस 29 अक्टूबर तक चलेगा, और फ़ाइनल इलेक्टोरल रोल 4 नवंबर को पब्लिश होने वाला है.

लिस्ट में शामिल कुछ खास नाम और उन्हें नोटिस क्यों दिया गया है.

1-एस जयशंकर: ‘पिछले SIR से अनमैप्ड’

विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को “अनमैप्ड विद लास्ट SIR” कैटेगरी के तहत नोटिस मिले हैं.
यह जोड़ा नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सुनहरी बाग इलाके में वोटर है. “नो मैपिंग” का मतलब उन मामलों से है जहां किसी वोटर की डिटेल्स पिछले रिवीजन के वोटर रोल से लिंक नहीं हो पाईं.
जयशंकर उन कई सीनियर सरकारी अधिकारियों और जानी-मानी हस्तियों में से हैं जिनके नाम SIR प्रोसेस के दौरान नोटिस जारी किए गए वोटर्स की लिस्ट में आए हैं.

2. रेखा गुप्ता: माता-पिता से जुड़ी उम्र में अंतर

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी SIR प्रोसेस के दौरान एक नोटिस जारी किया गया था. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, गुप्ता का नोटिस उनके और उनके माता-पिता के बीच उम्र के अंतर से जुड़ी एक गड़बड़ी से जुड़ा था, जो 15 साल से कम पाया गया था.
बाद में डॉक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन के बाद उनकी एंट्री को वैलिडेट किया गया, और उनका नाम शालीमार बाग चुनाव क्षेत्र के फाइनल वोटर रोल में शामिल करने के लिए रखा गया.

3. अरविंद केजरीवाल: परिवार की डिटेल्स मैप नहीं की गईं

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस मिले हैं.
उनकी डिटेल्स को इसलिए फ्लैग किया गया क्योंकि उन्हें पिछली SIR वोटर रोल से मैप नहीं किया जा सका. केजरीवाल उन कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में से हैं जिनके नाम दिल्ली CEO के ऑफिस द्वारा जारी लिस्ट में थे.
यह नोटिस वेरिफिकेशन प्रोसेस का हिस्सा है और इसका मतलब यह नहीं है कि नाम वोटर रोल से हटा दिया जाएगा.

4. लालकृष्ण आडवाणी: पिछली रोल के साथ कोई मैपिंग नहीं

BJP के दिग्गज नेता और पूर्व डिप्टी प्राइम मिनिस्टर लालकृष्ण आडवाणी, उनकी बेटी प्रतिभा और बहू गीतिका को “नो मैपिंग” कैटेगरी के तहत नोटिस मिले.
उनके नाम 2002 SIR इलेक्टोरल रोल से नहीं जोड़े जा सके. हालांकि, आडवाणी के बेटे जयंत मैपिंग की प्रक्रिया में पास हो गए. चारों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के वोटर हैं.

एक सीनियर पोल अधिकारी ने कहा कि जिन जाने-माने वोटरों को नोटिस मिले हैं, उन्हें इस प्रोसेस में मदद की जाएगी और उनके डॉक्यूमेंट्स जमा किए जाएंगे.

Delhi SIRमें फ़्लैग किए गए दूसरे जाने-माने नाम

कई दूसरे नेता, सीनियर अधिकारी, वकील, एकेडमिक और पब्लिक हस्तियां भी उन वोटरों की लिस्ट में हैं जिन्हें नोटिस मिले हैं.
कपिल सिब्बल: राज्यसभा MP और सीनियर वकील को “अनमैप्ड विद लास्ट SIR” कैटेगरी में फ़्लैग किया गया था. उन्होंने इस प्रक्रिया की आलोचना की है और कहा है कि वोटरों के नाम हटाए जाने का मामला आखिरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच सकता है.

मनीष सिसोदिया: दिल्ली के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर को एक नोटिस मिला, हालांकि खास वजह नहीं बताई गई. उनकी पत्नी सीमा को “सेल्फ-नेम मिसमैच” के लिए फ़्लैग किया गया था, जबकि उनके बेटे मीर को “पैरेंट-नेम मिसमैच” के लिए फ़्लैग किया गया है.

कैलाश गहलोत: BJP MLA और दिल्ली के पूर्व मंत्री को “नो मैपिंग” के तहत फ़्लैग किया गया था. उनकी पत्नी मौसमी मिश्रा गहलोत और बेटी जाह्नवी गहलोत को भी इसी कैटेगरी में नोटिस जारी किए गए हैं.

SS संधू: इलेक्शन कमिश्नर को नाम मिसमैच होने पर नोटिस जारी किया गया था. उनके बेटे के नोटिस में उनके माता-पिता के नाम में मिसमैच का ज़िक्र था. संधू की इलेक्टोरल एंट्री को बाद में वैलिडेट किया गया और फ़ाइनल रोल में शामिल करने के लिए रखा गया.

जगदीप धनखड़: पूर्व वाइस-प्रेसिडेंट और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ उन लोगों में शामिल थे जिन्हें नोटिस जारी किए गए थे. उनके वोटर रिकॉर्ड में वाइस-प्रेसिडेंट के घर का पता है.

विक्रम मिसरी: विदेश सचिव को “लास्ट SIR के साथ अनमैप्ड” का ज़िक्र करते हुए नोटिस जारी किया गया हैं.

सुब्रमण्यम स्वामी: पूर्व केंद्रीय मंत्री फ़्लैग किए गए प्रमुख नामों में से है. उन्होंने कहा कि वह इस डेवलपमेंट से हैरान हैं और उन्होंने संकेत दिया कि वह इस मामले को कानूनी तौर पर चुनौती दे सकते हैं.

बांसुरी स्वराज: BJP MP भी उन जाने-माने वोटर्स में शामिल हैं जिनके नाम नोटिस लिस्ट में है.

अभिषेक मनु सिंघवी: सीनियर वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी उन जाने-माने वोटर्स में शामिल है जिन्हें नोटिस जारी किया गया हैं.

एम जगदीश कुमार: JNU के पूर्व वाइस-चांसलर उन अधिकारियों और जानी-मानी हस्तियों में शामिल थे जिनके नाम लिस्ट में है.

नजीब जंग: दिल्ली के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर को भी नोटिस जारी किया गया है.

अरविंद पनगढ़िया: NITI आयोग के पूर्व वाइस-चेयरमैन उन लोगों में शामिल थे जिन्हें इस काम में फ़्लैग किया गया हैं.

तुहिन कांता पांडे: SEBI चेयरमैन का नाम भी उन वोटर्स की लिस्ट में था जिन्हें नोटिस जारी किया गया हैं.

उपेंद्र द्विवेदी: पूर्व आर्मी चीफ उन जाने-माने नामों में शामिल थे जिन्हें रिवीजन के दौरान फ़्लैग किया गया हैं.

प्रवीण सूद: CBI डायरेक्टर भी उन जाने-माने वोटर्स में शामिल थे जिन्हें नोटिस जारी किया गया हैं.
आशीष नंदी: साइकोलॉजिस्ट और सोशल थ्योरिस्ट जंगपुरा चुनाव क्षेत्र में नोटिस जारी करने वालों में से हैं

इंदिरा जयसिंह और आनंद ग्रोवर: सीनियर वकील भी जंगपुरा इलाके में जिन जाने-माने वोटरों के नाम बताए गए थे, उनमें शामिल हैं.
दिलीप चेरियन: कम्युनिकेशन कंसल्टेंट को भी नोटिस जारी किया गया हैं.

वोटरों को SIR नोटिस क्यों दिए जा रहे हैं?

दिल्ली इलेक्टोरल रोल रिवीजन में गड़बड़ियों की दो बड़ी कैटेगरी की पहचान की गई है: “कोई मैपिंग नहीं” और “लॉजिकल गड़बड़ियां”.
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, 13,79,785 वोटरों को पिछले SIR रोल से मैप नहीं किया जा सका, जबकि 19,33,134 को लॉजिकल गड़बड़ियों के लिए फ़्लैग किया गया. दोनों कैटेगरी को मिलाकर 33,12,919 वोटर हैं.
गड़बड़ियों में वोटर के अपने नाम या माता-पिता के नाम में अंतर, माता-पिता और बच्चों की उम्र में असामान्य अंतर, और गिनती के फॉर्म में दी गई जानकारी में दूसरी गड़बड़ियां शामिल हैं.
दिल्ली CEO के ऑफिस ने ज़ोर देकर कहा है कि नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि वोटर का नाम अपने आप हट जाएगा. वोटर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर या बूथ लेवल ऑफिसर को जवाब और सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं. वोटर को सुनवाई का मौका दिए बिना और सही ऑर्डर जारी किए बिना कोई भी नाम नहीं हटाया जा सकता.

ये भी पढ़ें-Asian Games: तीसरे दिन भारत के मेडल की संख्या 6 पहुंची; कबड्डी टीम ने जापान को हराया

Latest news

Related news