Delhi pollution: शनिवार सुबह दिल्ली में घने स्मॉग की एक परत छा गई. सुबह 9 बजे एयर क्वालिटी 397 थी, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आती है, और ‘गंभीर’ निशान के बहुत करीब पहुंच गई थी.
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 के साथ ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में था.
शनिवार सुबह 400 से ऊपर चला गया AQI
हालांकि दिल्ली में ओवरऑल AQI ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में रहा, लेकिन शनिवार सुबह 8 बजे राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में यह 400 से ऊपर चला गया और ‘गंभीर’ कैटेगरी में पहुंच गया.
CPCB के डेटा के अनुसार, वज़ीरपुर में AQI 445, जहांगीरपुरी में 442, विवेक विहार में 442 और रोहिणी में 436 रिकॉर्ड किया गया.
अभी कुछ और दिन रहेगा AQI ‘बहुत खराब से गंभीर’ कैटेगरी में
न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, शहर में प्रदूषण का लेवल और कम होने की संभावना है और अगले कुछ दिनों तक यह ‘बहुत खराब से गंभीर’ कैटेगरी में रहेगा.
स्थान AQI श्रेणी
वजीरपुर 445 गंभीर
बवाना 428 गंभीर
रोहिणी 436 गंभीर
आनंद विहार 436 गंभीर
मुंडका 426 गंभीर
जहांगीरपुरी 442 गंभीर
विवेक विहार 442 गंभीर
चांदनी चौक 419 गंभीर
नरेला 431 गंभीर
आईटीओ 425 गंभीर
एनसीआर में भी हालात है खराब
NCR इलाकों में हवा की क्वालिटी ‘बहुत खराब से गंभीर कैटेगरी’ में रही, जिसमें गुरुग्राम में AQI 317, नोएडा में 448, मेरठ में 368 और फरीदाबाद के सेक्टर 11 में 351 AQI रिकॉर्ड किया गया.
दिल्ली के एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के लिए डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) ने शुक्रवार को बताया कि ट्रांसपोर्ट एयर पॉल्यूशन में सबसे बड़ा योगदान देता है, जो 16.5 प्रतिशत है. इसके बाद कंस्ट्रक्शन का नंबर आता है, जो 2.2 प्रतिशत है और कचरा जलाने का योगदान 1.4 प्रतिशत है.
दिल्ली एयरपोर्ट ने एडवाइजरी जारी की
कम विजिबिलिटी के कारण, दिल्ली एयरपोर्ट ने एक एडवाइजरी जारी करके यात्रियों को एयरपोर्ट पर चल रहे कम विजिबिलिटी प्रोसीजर के बारे में बताया. स्पाइसजेट एयरलाइंस ने भी फ्लाइट में रुकावटों के बारे में बताते हुए एक अलग एडवाइजरी जारी की.
इससे पहले, शुक्रवार सुबह दिल्ली में AQI 332 था, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है, जिसमें 30 स्टेशनों पर ‘बहुत खराब’ लेवल रिकॉर्ड किया गया.
Delhi pollution से निपटने IIT मद्रास के प्रोफेसर के नेतृत्व में बनेगा एक्सपर्ट पैनल
इस बीच, NCR और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) ने कहा कि प्रदूषण से निपटने की रणनीतियाँ बनाने के लिए शिक्षाविदों का एक एक्सपर्ट पैनल बनाया जाएगा.
इस पैनल की अगुवाई IIT मद्रास के प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला करेंगे और इसमें हेल्थ एक्सपर्ट और शिक्षाविद शामिल होंगे. CAQM ने अपने बयान में कहा कि यह पैनल दिल्ली-NCR में गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन को कम करने की रणनीतियां बनाने की “तत्काल ज़रूरत” को देखते हुए बनाया जा रहा है.
यह पैनल सभी संबंधित लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद दो महीने के अंदर शहर के लिए अपनी सिफारिशें देगा.

