Wednesday, January 14, 2026

दरभंगा:स्कूल बना शराबियों का अड्डा,छापे के दौरान बिस्तर,बोतल के साथ पकड़े गये कई नशेडी 

दरभंगा

बिहार में एक तरफ सरकार शराबबंदी को सफल बनाने के लिए हर रोज नये नये प्रयास करती नजर आती है,लेकिन कोई भी सरकार तब तक किसी मुहिम में सफल नहीं हो सकती जब तक कि उन्हें जन सहयोग ना मिले. आम लोगो शराब के खिलाफ बात तो करते हैं लेकिन शराबबंदी को  को मुहिम को तौर पर कोई लेने के लिए तैयार नहीं है.  हालत ये हो रही है कि स्कूलों तक को शराबियों ने नहीं छोड़ा है.

ताजा मामला दरभंगा जिला के मनीगाछी प्रखंड के मकरंदा गाँव के एक प्राथमिक स्कूल का है. यहां बुधवार को वरीय उपसमाहर्ता (SDPO) पुष्पिता झा ने एक स्कूल का दौरा किया और जो कुछ उन्होंने देखा, वो चौकाने वाला था . जांच के दौरान जब अधिकारी स्कूल के कमरों में पहुंची तो वहां जमीन पर बिछावन और शराब की बोतलें बरामद हुई. जांच के बारे में पता लगते ही कमरे में मौजूद नशेड़ी लोग निकल कर भाग गये.दो युवक स्कूल के अंदर शराब पीते भी पाए गए. आरोप है कि स्कूल को शराबियों का अड्ढा बनाने काम प्रधानाध्यापिका साजदा खातून और उसके शौहर मोहम्मद मुख्तार के संरक्षण में चल रहा था.

दरअसल बिहार सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर इसी हफ्ते  बुधवार को जांच के लिए वरीय उपसमाहर्ता (SDPO) पुष्पिता झा मनीगाछी प्रखंड के मकरंदा गाँव स्थित प्राथमिक स्कूल पहुंची. जांच के दौरान उन्होने ने भवन की ऊपरी मंजिल के बंद कमरे को प्रभारी प्रधानाध्यापिका साजदा खातून से खोलने के लिए कहा तो वह आनाकानी करने लगीं. जिससे जांच अधिकारी को संदेह होने पर बंद कमरा को खोलने के लिए दबाव डालने पर प्रधानाध्यापिका के पास रखी चाबी से कमरा खोला गया.

कमरा खुलते ही नजारा देखकर वरीय उपसमाहर्ता (SDPO) पुष्पिता झा अचंभित रह गई. कमरे के अंदर दो युवक शराब पी रहे थे. उनके पास शराब की बोतल, सिगरेट, माचिस, बिछावन आदि पाया गया. पुष्पिता झा ने तत्काल इसकी सूचना जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी. इसके बाद जांच अधिकारी ने बीडीओ एवं थानाध्यक्ष को सूचित कर विद्यालय आने को कहा. हालाकि दोनों नशेड़ी मौका का फायदा उठाकर फरार हो गए. दोनों नशेबाज युवक की पहचान मकरन्दा मुसहरी टोला के ही प्रकाश सदाय एवं मिथलेश सदाय के रूप में हुई है.

बताया जा रहा है कि स्कूल को शराबियों का अड्डा बनाने का काम स्कूल की प्रधानाध्यापिका साजदा खातून और उसके शौहर मोहम्मद मुख्तार के संरक्षण में चल रहा था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि साजदा खातून क्लास रूम में शराबियों को भेजकर बाहर से ताला लगा देती थी. इसकी चाबी वह अपने पास ही रखती थी. शराबियों की सहूलियत के लिए कमरे में एक बिछावन भी लगा था.

पोल खुलने के बाद जिलाधिकारी ने स्कूल की प्रधानाध्यापिका , प्रखंड के बीडीओ एवं बीईओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिये हैं, और स्कूल से जिन शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है उन शिक्षकों  एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है .

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