Saturday, February 14, 2026

Land for Job Case: लालू समेत सभी आरोपियों को 4 अक्तूबर को पेश होने का नोटिस, तेजस्वी बोले- यह न पहली है न अंतिम है

दिल्ली की एक अदालत ने नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और अन्य आरोपियों को शुक्रवार को नोटिस जारी किया.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू और रेलवे अधिकारियों समेत अन्य को 4 अक्टूबर को कोर्ट में तलब किया है.
लालू को चारा घोटाले से जुड़े पांच मामलों में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है. वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.
इससे पहले गुरुवार को, सीबीआई ने अदालत को सूचित किया कि उसे तीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी मिल गई है: ये अधिकारी हैं, महीप कपूर, तत्कालीन पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक; मनोज पांडे, तत्कालीन पश्चिम मध्य रेलवे मुख्य कार्मिक अधिकारी; और डॉ. पीएल बनकर.

यह न पहली है न अंतिम है-तेजस्वी यादव

अपने पिता और खुद के खिलाफ नोटिस जारी होने पर बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “यह कोई(सुनवाई) नई बात नहीं है, यह न पहली है न अंतिम है. यह चलते रहता है इसमें कोई दम नहीं है.”


लालू यादव जी की आवाज पावरफुल है-मनोज झा

राऊज एवेन्यू कोर्ट के आरजेडी नेता लालू यादव को समन भेजने पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा- “मैं समझता हूं कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने ये फैसला किया है कि किसी भी विपक्ष के नेता के बंद केस को खुलवाना पड़े तो खुलवाया जाए क्योंकि इनके जहन में 2024 चुनाव की बहुत चिंता है. लालू यादव जी की आवाज पावरफुल है और उनका परिवार जो राजनीतिक तौर पर सक्रिय है और उनकी राजनीति को पंचर करने की क्षमता रखता है इसलिए ऐसा किया गया.”


क्या है नौकरी के बदले ज़मीन मामला

नौकरी के बदले भूमि घोटाले का मामला 2004-09 के दौरान ‘ग्रुप-डी’ कर्मियों की भर्ती में हुए तथाकथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. आरोप है कि उक्त अवधि में ‘ग्रुप-डी’ पदों पर नियुक्तियां के लिए जमीन बतौर रिश्वत ली गई. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मई 2022 को मामले में एफआईआर दर्ज की थी.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कोई सार्वजनिक नोटिस या विज्ञापन जारी नहीं किया गया थी और फिर भी नियुक्तियां की गईं.

इस मामले में लालू के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान लालू के पास रेलवे विभाग था.

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