Friday, February 13, 2026

कांग्रेस ने हरदीप पुरी के जरिए साधा पीएम मोदी पर निशाना, पूछा ‘किस हैसियत में और किसके लिए Epstein से बात कर रहे थे हरदीप पुरी?”

एक तरफ जहां बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी पर Epstein Files और अमेरिका भारत यूएस डील को लेकर लगाए गए राहुल गांधी के आरोपों से परेशान है वहीं अब कांग्रेस ने हरदीप पुरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को ही निशाने पर लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोल दिया है. कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शुक्रवार को एक मीडिया से मुखातिब होकर पूछा कि एक रिटार्यड ब्यूरोक्रेट डिजीटल इंडिया लॉन्च होने से 7 महीने पहले किसके और किस हैसियत में जेफरी एपस्टीन को इसकी जानकारी दे रहा था.
कांग्रेस ने कहा कि हरदीप पुरी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने और एप्सटीन के रिश्तों को लेकर न सिर्फ झूठ बोला बल्कि नाबालिग बच्चियों के लिए अंडर एज वुमन और ये कहकर कि ‘अरे यार, कुछ हुआ होता तो बताता, मैं तो बस मिलकर ही रह गया’… ये बात हरदीप पुरी की मानसिकता दिखाती है. पुरी अफ़सोस जता रहे हैं कि वे सेक्स क्राइम्स का हिस्सा बनते-बनते रह गए.

नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नाम भी Epstein Files में शामिल है

पवन खेड़ा ने पूछा कि हरदीप पुरी जब एपस्टीन के अपराधों के बारे में जानते थे तो उससे मिलने गए क्यों. कांग्रेस ने कहा “पिछले कुछ समय से Epstein Files को लेकर पूरे विश्व में चर्चा है. इस मामले को लेकर 7 देशों के नेताओं ने इस्तीफे दिए हैं. दुख की बात है कि नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नाम भी इसमें शामिल है। हरदीप सिंह पुरी ने इस बारे में मुंह खोला. कुछ इंटरव्यू दिए, जिनमें जमकर झूठ बोला.
ये वही हरदीप सिंह पुरी हैं, जिन्हें बिना सांसद बने ही नरेंद्र मोदी ने मंत्री बना दिया.
हरदीप सिंह पुरी ने कहा- जब वे पहले बार एपस्टीन से मिलने जा रहे थे तो उन्हें पता ही नहीं था कि वे कहां जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें कहा गया था कि ड्राइवर उन्हें छोड़ देगा
ये कितना शर्मनाक है कि ऐसी बात एक फॉरेन सर्विस का अधिकारी कह रहा है, जो कि अमेरिका में एम्बेसडर था .

किसके लिए और किस हैसियत में जेफरी एपस्टीन से मिले पुरी?- कांग्रेस

कांग्रेस ने पूछा कि आखिर पुरी एपस्टीन को ईमेल क्यों कर रहे थे. उन्होंने कहा, “2017 में, हरदीप पुरी जी रिसर्च एंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज़ (RIS) के प्रेसिडेंट और चेयरमैन थे, जो दिल्ली में मौजूद एक थिंक टैंक है और जिसे भारत सरकार फंड करती है.
भारत सरकार का एक रिप्रेजेंटेटिव 2017 में एपस्टीन को ईमेल क्यों कर रहा था?
वह एपस्टीन – जो एक दोषी सेक्स ऑफेंडर और क्रिमिनल है – से बात क्यों कर रहा था?
इससे भी पहले, 2014 और 2016 के बीच, हरदीप पुरी किसके अधिकार और निर्देशों के तहत एपस्टीन से बात कर रहे थे?

हरदीप पुरी एक रिटायर्ड डिप्लोमैट थे; इससे ज़्यादा कुछ नहीं। इस दौरान अमेरिका में भारत के तीन एम्बेसडर थे: एस. जयशंकर, अरुण सिंह और नवतेज सरना। क्या वे इतने बेकार थे कि प्रधानमंत्री को हरदीप पुरी से एपस्टीन से बात करने की ज़रूरत पड़ी?

मोदी सरकार के लॉन्च करने के 7 महीने पहले पुरी को ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी कैसे थी

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा की “13 नवंबर 2014 को Reid Hoffman को Epstein ने एक मेल भेजा, जिसमें वो ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे रहा था. जबकि ‘डिजिटल इंडिया’ जुलाई, 2015 में शुरू हुआ था. इसका मतलब है कि हरदीप पुरी ने भारत के नागरिकों से पहले ही Epstein को ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे दी थी. हम सोच रहे थे- इस देश की सरकार को एक ‘माई का लाल’ चला रहा था, जबकि सच्चाई यह है कि अमेरिका में बैठा ‘एक दलाल’ चला रहा था. हरदीप पुरी कह रहे हैं- मैं तो Epstein को ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे रहा था. अब सवाल है कि हरदीप पुरी को यह जानकारी कहां से मिली, वो तो सरकार का हिस्सा नहीं थे.
नरेंद्र मोदी बताएं- ⦁ आप हरदीप पुरी के माध्यम से देश की जानकारी किसे और क्यों दिलवा रहे थे?
⦁ आखिर मोदी जी, हरदीप पुरी और Epstein का क्या रिश्ता है?”

हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू में कई झूठ बोले- पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया की हरदीप पुरी ने मीडिया के सामने कई झूठ बोले. उन्होंने कहा, “हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू में कहा- मेरी Epstein से ज्यादा बात नहीं हुई. एक दो इमेल हुए और तीन-चार बार मुलाकात हुई। ये सरासर झूठ है. हरदीप सिंह पुरी ने एक और इंटरव्यू में कहा- मैंने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा. ये बात भी झूठ है, क्योंकि हरदीप पूरी खुद पूछते थे Jeff, Can I See You? Jeff, Are You In Town? जब हरदीप सिंह पुरी ने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा तो फिर ये सब क्या था. क्या आप पर मोदी का दबाव था कि जाइए और Epstein से मिलिए. 2014-16 के बीच भारत के 3 राजदूत अमेरिका में रहे. सवाल है- आखिर किसके निर्देश पर रिटायर हो चुके हरदीप सिंह पुरी को Epstein से मिलने भेजा जाता था.“

पीएम मोदी के इजराइल जाने को लेकर भी कांग्रेस ने साधा निशाना

कांग्रेस ने कहा कि, “जून, 2015 में Epstein हरदीप पुरी के जरिए मिडिल ईस्ट की नीति पर नाराजगी जता रहा था, क्योंकि मई 2015 में फिलिस्तीन के राष्ट्राध्यक्ष महमूद अब्बास भारत आए थे?
क्या Epstein की नाराजगी के चलते और अपनी गलती सुधारने के लिए नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन न जाकर इजराइल गए थे?
आखिर भारत की विदेश नीति कौन तय कर रहा था? ये दिखाता है कि भारत की विदेश नीति Epstein, नरेंद्र मोदी और हरदीप पुरी मिलकर चला रहे थे.

पवन खेड़ा ने कहा कि मोदी 2014 में हर-हर मोदी घर-घर मोदी नारे के साथ सत्ता पर काबिज हुए थे लेकिन अब नारा बदल गया है. अब थर-थर मोदी नारा है और हम इस नारे को घर-घर पहुंचाएंगे और जनता को बताएंगे की देश गलत हाथों में हैं.

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