Yogi Adityanath Ayodhya : अयोध्या धाम में ब्रह्मलीन महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज के पुण्य स्मृति महामहोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास, सामाजिक एकता और अयोध्या-राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इतिहास केवल गौरव का विषय नहीं, बल्कि गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज अतीत की गलतियों की अनदेखी करता है तो वह उन्हें दोहराने की दिशा में बढ़ता है. उन्होंने संभल और अयोध्या से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए सामाजिक एकता को जरूरी बताया.

Yogi Adityanath Ayodhya:’हम बंटे थे और इसीलिए कटे थे’
CM योगी ने कहा कि सनातन समाज के पास कभी शक्ति, बुद्धि या वैभव की कमी नहीं रही, लेकिन कई बार एकता और एक दिशा में आगे बढ़ने की कमी रही. उन्होंने कहा कि इतिहास से यह सीख मिलती है कि समाज को विभाजन से बचाकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए.
उन्होंने 1526 में संभल और उसके बाद 1528 में अयोध्या से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पहले ही एकजुट होकर प्रतिकार हुआ होता तो बाद की घटनाओं का दुस्साहस शायद नहीं होता.
मुख्यमंत्री ने 14 अगस्त का जिक्र करते हुए विभाजन की त्रासदी को भी याद किया. उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान केवल लोगों का ही विस्थापन और नुकसान नहीं हुआ, बल्कि देश का भी विभाजन हुआ.
संभल में 67 तीर्थ और 19 कूपों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में संभल का विशेष रूप से उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक संभल को लेकर अलग तरह की धारणा रही, लेकिन सरकार की ओर से वहां काम शुरू होने के बाद कई पुराने धार्मिक स्थलों और तीर्थों से जुड़े विषय सामने आए.
उन्होंने दावा किया कि संभल में 67 तीर्थ और 19 कूप थे, जिन पर कब्जे हो गए थे, सरकार ने इन कब्जों को हटाने की कार्रवाई की है.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि करीब 10 हजार एकड़ भूमि से कब्जे हटाने की कार्रवाई की गई है और गरीब, दलित तथा कमजोर वर्ग के लोगों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. उन्होंने संभल में जिला मुख्यालय के निर्माण की बात भी कही.
राम जन्मभूमि आंदोलन के संतों के संघर्ष को किया याद
मुख्यमंत्री ने महंत परमहंस रामचंद्र दास महाराज और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े संतों के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के दौरान संतों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में संघर्ष किया.
उन्होंने कहा कि इन संतों का तप, साधना और संघर्ष आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम के मंदिर का निर्माण लंबे संघर्ष के बाद संभव हुआ है और इस विरासत को समझना जरूरी है.
अयोध्या और सनातन को लेकर सतर्क रहने की अपील
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या धाम और श्री राम जन्मभूमि को लेकर समाज को सतर्क रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास को समझकर समाज को अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और एकता के साथ आगे बढ़ना चाहिए.

