उत्तराखंड के चंपावत में मुख्यमंत्री ने महिलाओं को दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, देवभूमि के उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के धूरा (चौड़ाकोट) में आयोजित भव्य ‘सशक्त बहना उत्सव’ में शिरकत की.
सीएम धामी ने की UCC कानून की तारीफ
इस दौरान मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया. उन्होंने कहा कि यूसीसी किसी जाति या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह देश की 50 फीसदी आबादी (महिलाओं) को 100 फीसदी सुरक्षा और सामाजिक अधिकार देने वाला एक ऐतिहासिक कानून है.
महिलाओं ने बांधी सीएम धामी को राखी
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के पावन पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय मातृशक्ति से संवाद किया. महिलाओं ने सीएम धामी को पारंपरिक रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. यह कानून महिलाओं को कुप्रथाओं से मुक्ति दिलाकर समाज में बराबरी का हक देगा.
स्थानीय उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग और ₹5 लाख का ब्याज मुक्त ऋण
मातृशक्ति के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार की ओर से इन समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार पहाड़ी उत्पादों को अब वैश्विक बाजारों में पहचान मिल रही है.
चंपावत के विकास के लिए कई घोषणाएं भी की
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं. उन्होंने धूरा चौड़ाकोट क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण, पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नई योजनाओं और स्थानीय विद्यालय के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया. इस दौरान महिलाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण करते हुए सीएम ने उनके हुनर की सराहना की और कहा कि जब राज्य की बहनें सशक्त होंगी, तभी एक आदर्श उत्तराखंड का निर्माण संभव होगा.

