Cloudbursts in Uttarakhand: शुक्रवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग ज़िलों में अलग-अलग जगहों पर बादल फटने की घटनाएँ हुई हैं. इसके साथ ही पहाड़ी राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, जिन स्थानों पर बादल फटे हैं, वहां मलबे के कारण कई परिवार फंस गए हैं.
Cloudbursts in Uttarakhand: 10 पॉइंट में जाने पूरा अपडेट
1- रुद्रप्रयाग के बरेठ डूंगर टोक क्षेत्र और चमोली जिले के देवल क्षेत्र में बादल फटे. दोनों जिलों की नदियाँ उफान पर हैं और जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है.
2- रुद्रप्रयाग में, लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया है और वाहनों की आवाजाही भी रुक गई है.
3- रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा साझा की गई तस्वीरों में मलबे में फंसी एक एसयूवी, सड़कों पर पत्थर और नदियों में पानी का तेज़ बहाव दिखाई दे रहा है.
💢लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जल स्तर काफी बढ़ा हुआ है, थानाध्यक्ष अगस्त्यमुनि के नेतृत्व में पुलिस द्वारा अगस्त्यमुनि क्षेत्र में अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। pic.twitter.com/NyeAlJm7AY
— Rudraprayag Police Uttarakhand (@RudraprayagPol) August 29, 2025
4- वहीं, अधिकारियों ने बताया कि रुद्रप्रयाग में सिरोबगड़, बांसवाड़ा (स्यालसौड़) और कुंड से चोपता के बीच कई जगहों पर सड़कें बाधित हैं.
5- चमोली में नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है और नदियों के पास घरों वाले लोगों को घर खाली करने का निर्देश दिया गया है. चमोली पुलिस ने 11 दिसंबर को कहा, “नदी के किनारे बने घरों में रहने वाले सभी लोग कृपया तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ.”
6- रुद्रप्रयाग में भी इसी तरह का निर्देश जारी किया गया है. रुद्रप्रयाग पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, “रुद्रप्रयाग पुलिस और प्रशासनिक दल आम जनता को नदी के किनारों से दूर रहने और सुरक्षित क्षेत्रों में जाने की सलाह दे रहे हैं.”
7- अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच बद्रीनाथ राजमार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है.
8- अलर्ट स्थानों के अलावा, सुरक्षित स्थानों पर भी यातायात रोक दिया गया है और तीर्थयात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से आगे भेजने की व्यवस्था की जा रही है. सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात की गई है.
9-रुद्रप्रयाग में बादल फटने से आए मलबे से कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया गया है. जिला प्रशासन ने बताया कि रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी प्रतीक जैन आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं.
10-मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा था कि बचाव और राहत अभियान जारी है और वह अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, “मैं बाबा केदार से सभी की सुरक्षित कुशलता की प्रार्थना करता हूँ.”
याद दिला दें, इस महीने की शुरुआत में, उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से 100 से ज़्यादा लापता लोगों की तलाश शुरू हो गई थी. हालाँकि उत्तरकाशी और हर्षिल के बीच सड़क संपर्क हाल ही में बहाल कर दिया गया है, लेकिन गंगोत्री तीर्थयात्रा अभी भी स्थगित है.
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