Thursday, January 22, 2026

धराली के बाद अब किश्तवाड में बड़ी आपदा,बादल फटने से ढ़हे पहाड़,12 लोग लापता

Kishtwar Cloudburst : उत्तराखंड के धराली में हुए भयानक प्राकृतिक आपदा की विभिषिका से लोग अभी उबर भी नहीं पाये हैं कि अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ से एक बड़ी प्राकृतिक आपदा की खबर आ रही है.  खबर है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अंदर पड्डर सब-डिवीज़न में अचानक बादल फटा है, जिसके कारण पूरे इलाके में तबाही मच रही है. बादल फटने की घटना चिशोती गांव में मचैल माता मंदिर के पास बादल हुई है. बादल फटने के बाद पहाड़ों से आ रहे पानी के बहाव के कारण पूरे इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं.

घटना की जानकारी सामने आने के बाद राहत और बचाव दल को लोग मौके पर पहुंचे हैं,और रेस्क्यू का काम शुरु कर दिया गया है. किश्तवाड के अलावा राजौरी और मेंढर से भी बाद फटने जैसी घटना की जानकारी सामने आ रही है.ताजा जानकारी के मुताबिक पड्डर में राहत का काम शुरु कर दिया गया है. स इलाके से फिलहाल 12 लोगों के लापता होने की खबर है.

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घटना के बारे में केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने ट्वीटर पर जानकारी दी है.उन्होंने अपने ट्वीटर हेंडल एक्स पर लिखा है   – “अभी-अभी जम्मू-कश्मीर के विपक्षी पार्टी नेता और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से मिली जानकारी के बाद मैंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की. चोसिटी इलाके में बादल फटने से भारी जनहानि की आशंका है. प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है और बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है.नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरी बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन व्यवस्था की जा रही है. मेरे दफ्तर को नियमित अपडेट मिल रहे हैं और हर मुमकिन मदद मुहैया कराई जा रही है.”

समाचार एजेंसी ANI की जानकारी के मुताबिक किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा ने बताया है कि किश्तवाड़ के चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई है, जो मचैल माता यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है. बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. किश्तवाड़ मैं मौजूद मचैल माता के मंदिर के लिए हर साल एक धार्मिक यात्रा होती है. मिचैल माता को माता दुर्गा का ही रुप माना जाता है. ये यात्रा जम्मू के भद्रवाह के चिनोट से शुरू हो कर मचैल मंदिर में खत्म होती है.

जाता जानकारी के मुताबिक इस आपदा में कम से कम 200 से लेकर 300 लोगों तक के फंसे होने की आशंका है.

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