Tuesday, February 17, 2026

Chandrayaan-3 के लॉन्चिंग डेट की हुई घोषणा,अंतरिक्ष के क्षेत्र में नई छलांग लगाने के लिए भारत तैयार

Chandrayaan-3  के लांचिंग की घोषणा कर दी गई है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान इसरो  (ISRO) ने chandrayaan-3 के लॉन्चिंग डेट की घोषणा करते हुए जानकारी दी है कि इस साल 14 जुलाई को दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर LVM3-M4/Chandryaan-3 को लांच किया जायेगा.

ISRO ने ट्वीटर पर साझा की जानकारी

भारतीय अंतरीक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) ‘ट्वीटर पर इस की जानकारी साझा की है. ISRO  ट्वीट में लिखा है कि Chandrayaan-3  LVM3-M4/चंद्रयान-3 मिशन की लॉन्चिंग अब निर्धारित है. इसे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया जायेगा .

लांचिंग के बारे में जानकारी देते हुए इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने बताया है कि इसरो Chandrayaan-3 की 23 अगस्त या 24 अगस्त को चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने का प्रयास करेगा. इसरो अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए कहा कि रोबर के लैडिंग के लिए चंद्रमा की सतह पर प्रकाश का होना अनिवार्य है. धरती का 24 घंटा चंद्रमा के 15 दिन के बराबर होता है. और चंद्राम पर 15 दिन सूर्य का प्रकाश रहता है औऱ 15 दिन नहीं रहता है. ऐसे में सब कुछ सही रहा तो 23-24 अगस्त को साफ्ट लैंडिंग कराने की कोशिश का जायेगी

लांचिग की तारीख निर्धारित करने से पहले इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में बुधवार को chandrayaan-3 का परीक्षण पूरा कर लिया. अंतरिक्ष यान के प्रक्,पण के लिए उसे नए प्रक्षेपण रॉकेट LBM-3 से जोड़ा था.

चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित रूप से उपकरण उतारने और उससे अन्वेषण गतिविधियां कराने के लिए Chandrayaan-2 के बाद इस महीने Chandrayaan-3 को प्रक्षेपित करने की योजना है.

Chandrayaan-3 का लक्ष्य

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इसरो से मिली जानकारी में कहा गया ह कि Chandrayaan-3 का प्रक्षेपण चंद्रमा के चट्टानों की ऊपरी परत की थर्मोफिजिकल विशेषताएं, चंद्रमा पर बार बार आने वाले भूकंप ,चंद्रमा की सतह पर प्लाज्मा वातावरण और उपकरण उतारे जाने वाले स्थानों के आसपास के तत्वों का संरचना का अध्ययन करना है. इसरो के अधिकारियों के अनुसार लैंडर और रोवर पर लगे इन वैज्ञानिक उपकरणों का अद्ययन विज्ञान विषय के अंतर्गत रखा जाएगा वहीं प्रायोगिक उपकरण चंद्रमा की कक्षा से पृथ्वी का अध्ययन करेंगे .

बताया गया है कि चंद्रयान तीन के सभी जरुरी परीक्ष मार्च के महीने में पूरा कर लिया गया था. चंद्रयान-3 सभी परीक्षणों में खरा उतारा है. चंद्रायन -3 का लैंडर निश्चित स्थान पर उतारने की क्षमता से लैस होगा और रोवर को तैनात करेगा जो चंद्रमा की सतह पर रासायनिक विश्लेषण करेगा.

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