Chandrashekhar Yadav : बिहार के शिक्षा मंत्री ने रामचरितमानस की एक और चौपाई पढ़ लगाया पिछड़ी जातियों के अपमान का आरोप

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव ने फिर एक बार रामचरित्र मानस को लेकर फिर दिए अपने  विवादित बयान को दोहराया है. चंद्रशेखर यादव (Chandrashekhar Yadav) ये जब पत्रकारों ने पूछा की क्या वो ये कहेंगे की रामचरितमानस कचरा है. तो उन्होंने कहा ये डॉक्टर साहब (डॉ. बीआर अंबेडकर) कह गए है कि ये एक कचरा है. अपने बयान पर कायम हूं.

शिक्षा मंत्री ने अब कौन सी चौपाई पढ़ी?

बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव (Chandrashekhar Yadav) रामायण को लेकर उठे विवाद को शांत होने नहीं देना चाहते. मंगलवार को फिर उन्होंने अपने मोबाइल से राम चरित्र मानस की एक और चौपाई पढ़ कर सुनाई और कहा कि एक ही शब्द का क्या अलग-अलग मतलब होता है. चंद्रशेखर यादव ने जो चौपाई सुनाई वो इस प्रकार है.

“सापत ताड़त परुष कहंता। बिप्र पूज्य अस गावहिं संता।।
पूजिअ बिप्र सील गुन हीना। सूद्र न गुन गन ग्यान प्रबीना।।“

इसके साथ ही चंद्रशेखर यादव (Chandrashekhar Yadav) ने कहा कि ये तो उन्होंने एक ही चौपाई सुनाई है, मानस में तो ऐसी कई है.

क्या चाहते है शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव?

जब शिक्षा मंत्री (Chandrashekhar Yadav) ने पत्रकारों ने पूछा की वो राम चरित्र मानस का मुद्दा बार-बार उठा के क्या चाहते हैं तो उन्होंने कहा वो सिर्फ ये चाहते है कि,“जाति के आधार का अपमान बंद हो, जेंडर के आधार पर अपमान बंद हो.”

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शिक्षा मंत्री के बयान पर जेडीयू प्रवक्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है.जेडीयू के प्रवक्ता  संजीव कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री के दिमाग में कुछ परेशानी आ गई है. उन्हें दिमागी इलाज की जरूरत है.

 

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