Thursday, February 12, 2026

Chakka Jam: पटना में दिखी महागठबंधन की ताकत, राहुल-तेजस्वी ने संभाला मोर्चा, S.I.R के खिलाफ सड़क पर घमासान

Chakka Jam: बिहार विधानसभा की लड़ाई अब सड़क तक पहुंच चुकी है. ट्रेड यूनियन के हड़ताल के साथ आज पटना में विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R) के खिलाफ चक्का जाम का एलान किया था. विपक्ष का कहना था कि वो चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ेंगे और जनता के मताधिकार और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे.

Chakka Jam: राहुल और तेजस्वी ने संभाला मोर्चा

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R) के खिलाफ महागठबंधन द्वारा बुलाए गए ‘चक्का जाम’ मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं. इस मार्च में भाकपा महासचिव डी राजा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के नेता दीपांकर भट्टाचार्य और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अलावा वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी शामिल हैं. एक साथ कांग्रेस आरजेडी और कांग्रेस के झंडों से पटना शहर पट गया है.

चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है-तेजस्वी यादव

इस मौके पर RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “आज पूरा बिहार बंद है, चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है. वोटर लिस्ट से गरीब लोगों के नाम हटाने की बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है, पहले ये नाम हटाए जाएंगे, फिर पेंशन, फिर राशन हटाएंगे, इसी को लेकर महागठबंधन के दलों ने बिहार बंद का ऐलान किया है. इसके साथ ही ट्रेड यूनियनों ने भी बंद का ऐलान किया है, हम उनका समर्थन करते हैं… राहुल गांधी भी इसमें उनका साथ देने आ रहे हैं… चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल का प्रकोष्ठ बन गया है. चुनाव आयोग खुद कन्फ्यूज है… हम हर मंच पर लड़ेंगे, चाहे वह सड़क हो, सदन हो या न्यायालय…”

सड़कों पर उतरे हैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए- कन्हैया कुमार

वहीं, NSUI के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार बंद पर कहा, “सड़कों पर उतरे हैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए क्योंकि कहा जाता है कि अगर सड़कें सुनी हो जाए तो संसद आवारा हो जाती है इसीलिए सड़कों पर उतरना जरूरी है.”

चुनाव आयोग को भाजपा आयोग नहीं बनना चाहिए- मृत्युंजय तिवारी

RJD नेता मृत्युंजय तिवारी ने ‘बिहार बंद’ पर कहा, “…वे गरीबों, किसानों और दलितों को उनके मताधिकार से वंचित करना चाहते हैं. चुनाव आयोग को भाजपा आयोग नहीं बनना चाहिए और निष्पक्ष चुनाव कराने चाहिए… विशेष गहन पुनरीक्षण(SIR) को वापस लेना होगा. इसके लिए सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई जारी रहेगी.”

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