Monday, July 6, 2026
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Budget Session: लोकसभा में जारी रहेगा हंगामा? सोमवार को नरवणे की किताब के कुछ अंश पढ़ने को लेकर हुए था सरकार और राहुल गांधी में विवाद

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Rahul Gandhi in Lok sabha
Rahul Gandhi in Lok sabha

Budget Session: मंगलवार को सभी की निगाहें संसद के निचला सदन पर टिकी हुई है. सोमवार को पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे के ‘मेमॉयर’ पर लोकसभा में लगातार रुकावटों, स्थगन और जुबानी जंग देखने को मिली थी. आज की कार्रवाई कैसे चलेगी इसको लेकर आशंकाएं बनी हुई है. हलांकि इस बीच भारत-US ट्रेड डील भी पक्की हो गई है, तो देखना होगा विपक्ष इसपर अपनी राय रखने को प्राथमिकता देगा या फिर जैसे कल नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि वो राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर किसी मुद्दे को नहीं मानते, वह इसी बात पर अडिग रहेंगे.

लोकसभा में हुआ नरवणे विवाद क्या है

पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का ज़िक्र लोकसभा में तब हुआ जब राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर हमला करने के लिए 2020 के भारत-चीन संघर्ष पर उनकी अप्रकाशित यादों से कोट करने की कोशिश की.
इस कदम पर BJP नेताओं ने तुरंत पलटवार किया और गांधी पर लोकसभा को गुमराह करने और सेना का अपमान करने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार नरवणे की किताब से एक लाइन कोट करने से ‘डर’ रही है, जिसे वह लोकसभा में आज कोट करेंगे.
जबकि BJP ने आरोप लगाया कि नेता ने अपने झूठे आरोपों से सदन की गरिमा को कम किया और भारतीय सैनिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई. कई BJP नेताओं ने गांधी से “भारत विरोधी तत्वों की भाषा बोलना” बंद करने की मांग की.
लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने गांधी को यह मुद्दा उठाने की इजाज़त नहीं दी. हंगामे के बाद, सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के सदस्यों के बीच तीखी बहस के कारण सदन को दो बार और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गयाय

Budget Session: क्या हुआ था?

जैसे ही राहुल गांधी प्रेसिडेंट के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए, उन्होंने कहा कि वह BJP MP तेजस्वी सूर्या के कांग्रेस पर राष्ट्रवाद के आरोपों का जवाब देना चाहेंगे. इसके बाद, उन्होंने नरवणे के “मेमॉयर” से कोट करना शुरू किया, जिसमें उन्होंने 2020 के भारत-चीन संघर्ष के बारे में बात की थी.
डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे यह साफ करने को कहा कि क्या किताब पब्लिश हुई है.
हंगामा लगभग 50 मिनट तक चलता रहा, स्पीकर ओम बिरला लगातार कहते रहे कि किसी भी किताब या अखबार की कटिंग को ऐसे मामले पर कोट नहीं किया जा सकता जो सदन की कार्यवाही से जुड़ा न हो, और गांधी इस बात पर ज़ोर देते रहे कि डॉक्यूमेंट ऑथेंटिकेटेड है और वह उससे कोट कर सकते हैं.
जब राजनाथ सिंह ने कहा कि किताब पब्लिश नहीं हुई है, तो BJP लीडर किरेन रिजिजू ने उनकी राय का सपोर्ट किया और स्पीकर के फैसले को मानने की मांग की.
रिजिजू ने आगे कहा कि अगर स्पीकर के फैसले के बावजूद विपक्ष के लीडर मेमॉयर को कोट करते रहे, तो हाउस को इस पर चर्चा करनी होगी कि ऐसे मेंबर के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाना चाहिए.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

जब हाउस शाम 4 बजे फिर से शुरू हुआ, तो राहुल गांधी ने कहा कि वह नेशनल सिक्योरिटी का मामला उठा रहे थे. उन्होंने दावा किया कि उन्हें नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब से कोट करने की इजाज़त नहीं दी गई क्योंकि इसमें PM मोदी और राजनाथ सिंह पर चीन के साथ 2020 की लड़ाई के दौरान सेना को “नीचा दिखाने” का आरोप लगाया गया है.
गांधी ने कहा, “मैं समझता हूं कि यह डिफेंस मिनिस्टर और प्राइम मिनिस्टर के लिए अजीब है. मैं नेशनल सिक्योरिटी को सबसे ज़रूरी मुद्दा मानता हूं. अगर यह अजीब नहीं होता, तो वे मुझे बोलने देते, लेकिन यह बात कि वे मुझे बोलने नहीं दे रहे हैं, यह दिखाता है कि वे अजीब हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “नरवणे जी ने अपनी किताब में प्राइम मिनिस्टर और राजनाथ सिंह जी के बारे में साफ़-साफ़ लिखा है, जो एक आर्टिकल में छपी है, और मैं उसी आर्टिकल से कोट कर रहा हूं. वे डरे हुए हैं क्योंकि अगर यह सामने आया, तो नरेंद्र मोदी जी और राजनाथ सिंह जी की असलियत सामने आ जाएगी. जब चीन हमारे सामने था और आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच के सीने का क्या हुआ?”

खड़गे ने पूछा सवाल

कांग्रेस के सीनियर नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल गांधी का साथ देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पूछा, “पूर्व आर्मी चीफ की किताब में असल में ऐसा क्या लिखा है जिससे मोदी सरकार के बड़े मंत्री इतने हैरान हैं? उनकी किताब को छपने से कौन रोक रहा है? पूरा देश जानता है कि BJP का राष्ट्रवाद नकली है!”

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