Budget 2024 : केंद्रीय बजट का फोकस गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता-निर्मला सीतारमण, इनकम टैक्स में स्टैंडर्ड डिडक्शन पर लिमिट बढ़ी

Budget 2024 Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना बजट भाषण खत्म. उन्होंने अपना 7वां और मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया. निर्मला सीतारमण ने मैजेंटा बॉर्डर वाली सफेद रेशमी साड़ी पहनी थी. केंद्रीय बजट 2024-25 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा-ये बजट गरीब, महिला, युवा और अन्नदाताओं पर फोकस है. बजट भाषण करीब ढेड़ घंटे का रहा. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा- केंद्रीय बजट 2024-25 में सभी के लिए “पर्याप्त अवसर पैदा करने” के लिए 9 प्राथमिकताओं पर निरंतर प्रयासों की परिकल्पना की गई है.
1. कृषि में उत्पादकता और लचीलापन

2. रोजगार और कौशल

3. समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय

4. विनिर्माण और सेवाएँ

5. शहरी विकास

6. ऊर्जा सुरक्षा

7. बुनियादी ढाँचा

8. नवाचार, अनुसंधान और विकास

9. अगली पीढ़ी के सुधार

केंद्रीय बजट 2024-25 के मुख्य प्वाइंट्स

नई कर व्यवस्था में व्यक्तिगत आयकर दरों पर, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “नई कर व्यवस्था के तहत, कर दर संरचना को निम्नानुसार संशोधित किया जाएगा – 0-रु 3 लाख – शून्य; 3-7 लाख -5%, 7-10 लाख -10%, 10-12 लाख -15%, 12-15 लाख – 20% और 15 लाख से अधिक पहले की तरह -30% रहेगा.” इसके अलावा नई कर व्यवस्था चुनने वालों के लिए, वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए मानक कटौती 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये की जाएगी.

वित्त मंत्री ने कहा कि एलटीसीजी कर की सीमा 10% से बढ़ाकर 12.5% ​​की गई है. 

निर्मला सीतारमण ने आयकर की समीक्षा की घोषणा की

निर्मला सीतारमण ने कहा, “मैं आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा करती हूं. इससे विवाद और मुकदमेबाजी कम होगी। इसे 6 महीने में पूरा करने का प्रस्ताव है.” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि इनकम टैक्स को आसान बनाया जाएगा. टीडीएस वक्त पर न भरना अब अपराध नहीं होगा.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “कैंसर के इलाज की तीन दवाओं को मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी...”

मोबाइल फोन उद्योग पर वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “मैं मोबाइल फोन और मोबाइल PCBS तथा मोबाइल चार्जर पर BCD को घटाकर 15% करने का प्रस्ताव करती हूं.”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “वित्तीय घाटा 2024-25 तक सकल घरेलू उत्पाद का 4.9% रहने का अनुमान है. लक्ष्य घाटे को 4.5% से नीचे पहुंचाना है.”

निर्मला सीतारमण ने जीएसटी पर क्या कहा
निर्मला सीतारमण ने कहा, “जीएसटी ने आम आदमी के लिए कर संबंधी घटनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है और उद्योग के लिए अनुपालन को आसान बना दिया है, जो कि एक बड़ी सफलता है. जीएसटी के लाभों को और बढ़ाने के लिए, हम कर ढांचे को तर्कसंगत बनाने का प्रयास करेंगे.”

– बाढ़ आपदा से निपटने के लिए बिहार को 11,500 करोड़ का प्रावधान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत 25,000 ग्रामीण बस्तियों को सभी मौसमों के अनुकूल सड़कें उपलब्ध कराई जाएंगी…बिहार में अक्सर बाढ़ आती रहती है. नेपाल में बाढ़ नियंत्रण संरचनाओं के निर्माण की योजना अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है. हमारी सरकार 11,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी…असम, जो हर साल बाढ़ से जूझता है, को बाढ़ प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं के लिए सहायता मिलेगी. हिमाचल प्रदेश, जिसे बाढ़ के कारण भारी नुकसान हुआ है, को भी बहुपक्षीय सहायता के माध्यम से पुनर्निर्माण के लिए सहायता मिलेगी. इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड, जिसे भूस्खलन और बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है, को आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी…”

गया और महाबोधि मंदिरों को मिलेगा कॉरिडोर
वित्त मंत्री ने की घोषणा की कि उनकी सरकार बिहार के गया और महाबोधि मंदिरों में टूरीज़म को बढ़ावा देने कॉरिडोर बनाएंगी इसके साथ ही नालंदा को भी पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा. इसके अलावा बिहार में राजगीर में भी टूरिस्ट सेंटर का निर्माण होगा

छोटे परमाणु रिएक्टर बनाएगी सरकार

देश में छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टरों के विकास पर निर्मला सीतारमण ने कहा, “सरकार भारत छोटे रिएक्टरों की स्थापना करेगी, भारत छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के अनुसंधान और विकास तथा परमाणु ऊर्जा के लिए नई प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करेगी.”

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना शुरू की गई
मुफ़्त सौर बिजली योजना पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना शुरू की गई है. यह योजना इसे और बढ़ावा देगी.”

शहरी आवास के लिए 10 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की गई
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों को 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से पूरा किया जाएगा.

कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पर वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे। छात्रावासों और क्रेच के माध्यम से कार्यबल में महिलाओं की अधिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा… हमारी सरकार समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय सहयोग नीति लाएगी। हमारी सरकार घरेलू संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी”

वित्त मंत्री ने शहरी आवास को और अधिक किफायती बनाने के लिए ₹2.2 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार पांच साल में एक करोड़ युवाओं को शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप देने की योजना शुरू करेगी.

विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजना

विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए ऋण गारंटी योजनाओं पर निर्मला सीतारमण ने कहा, “एमएसएमई को मशीनरी और उपकरणों की खरीद के लिए बिना किसी जमानत और गारंटी के सावधि ऋण की सुविधा देने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी. यह गारंटी फंड ₹100 करोड़ तक की गारंटी प्रदान करेगा.”

ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की जाएगी.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि जिन लोगों ने पहले लोन लिया है और उसका भुगतान किया है, उनके लिए मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख की जाएगी.

वित्त मंत्री ने आंध्र प्रदेश पर कहा -विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम- हमारी सरकार ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयास किए हैं। राज्य की पूंजी की आवश्यकता को समझते हुए, हम बहुपक्षीय एजेंसियों के माध्यम से विशेष वित्तीय सहायता की सुविधा प्रदान करेंगे. चालू वित्त वर्ष में, भविष्य के वर्षों में अतिरिक्त राशि के साथ 15,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी.”

बजट में बिहार की बल्ले -बल्ले

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार बहुपक्षीय विकास एजेंसियों से सहायता के माध्यम से बिहार को वित्तीय सहायता की व्यवस्था करेगी. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्वोदय की योजना बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-बगलपुर एक्सप्रेसवे, बोधगया-राजगीर-वैशाली-दरबंगा एक्सप्रेसवे और बक्सर में गंगा पर अतिरिक्त दो लेन पुल का निर्माण 26,000 करोड़ रुपये में किया जाएगा. पीर पयंती में 2400 मेगावाट बिजली संयंत्र सहित बिजली परियोजनाओं को 21,400 करोड़ रुपये में शुरू किया जाएगा.

भारत की आर्थिक वृद्धि पर निर्मला सीतारमण ने क्या कहा

निर्मला सीतारमण ने कहा, “भारत की आर्थिक वृद्धि एक शानदार अपवाद बनी हुई है और आने वाले वर्षों में भी ऐसी ही रहेगी. भारत की मुद्रास्फीति 4% के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए कम और स्थिर बनी हुई है. मुझे 5 योजनाओं और पहलों के प्रधानमंत्री पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जो 5 वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और अन्य अवसरों की सुविधा प्रदान करेगी, जिसमें 2 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय परिव्यय होगा. इस वर्ष हमने शिक्षा, रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.”

नौकरियों में महिलाओं के लिए छात्रावासों बनाने की घोषणा

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना प्राथमिकता होगी. यह छात्रावासों की स्थापना और महिलाओं के लिए विशेष कौशल कार्यक्रम आयोजित करने के लिए साझेदारी बनाकर किया जाएगा।

वित्त मंत्री ने उच्च शिक्षा के लिए ₹10 लाख तक के ऋण के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की

कौशल विकास पर निर्मला सीतारमण

बजट भाषण 2024 लाइव विश्लेषण: निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री के पैकेज के हिस्से के रूप में योजनाओं के माध्यम से रोजगार से जुड़े कौशल विकास की घोषणा की. उन्होंने कहा, “ये योजनाएँ EPFO ​​में नामांकन पर आधारित होंगी, जो पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को पहचानने पर ध्यान केंद्रित करेंगी. पहली बार काम करने वाले लोगों को सभी औपचारिक क्षेत्रों में कार्यबल में प्रवेश करने पर एक महीने का वेतन मिलेगा. एक महीने के वेतन का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT), ₹15,000 तक, तीन किस्तों में प्रदान किया जाएगा. इस लाभ के लिए पात्रता सीमा ₹1 लाख प्रति माह का वेतन होगी, और इससे 2.1 लाख युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है.”

-वित्त मंत्री ने मोदी 3.0 सरकार की 9 प्राथमिकताओं की सूची बनाई. निर्मला सीतारमण के अनुसार, इस वर्ष और आने वाले वर्षों के लिए नौ प्राथमिकताएं हैं: कृषि में उत्पादकता और लचीलापन, रोजगार और कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, विनिर्माण और सेवाएं, शहरी विकास, ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा, नवाचार, अनुसंधान और विकास

वित्त मंत्री ने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु अनुकूल किस्मों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कृषि अनुसंधान में बदलाव किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु अनुकूल फसल किस्मों के विकास के लिए कृषि अनुसंधान व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की जाएगी.

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हमें गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. अन्नदाता के लिए, हमने एक महीने पहले सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च एमएसपी की घोषणा की, जो हमारे वादे को पूरा करता है. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को पांच साल के लिए बढ़ाया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ हुआ. अंतरिम बजट में घोषित विभिन्न योजनाओं की मंजूरी और कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक कार्रवाई अच्छी तरह से चल रही है.'”

निर्मला सीतारमण ने कहा कि पांच वर्षों में 4.1 करोड़ युवाओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए पांच योजनाएं बनाई जाएंगी, जिसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय परिव्यय होगा.

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “जैसा कि अंतरिम बजट में उल्लेख किया गया है, हमें 4 अलग-अलग जातियों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. किसानों के लिए, हमने सभी प्रमुख फसलों के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा की है, जो लागत पर कम से कम 50% मार्जिन के वादे को पूरा करते हैं. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को 5 साल के लिए बढ़ाया गया, जिससे 80 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हुए.”

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “भारत के लोगों ने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अपना विश्वास जताया है और इसे ऐतिहासिक तीसरे कार्यकाल के लिए फिर से चुना है.”

निर्मला सीतारमण ने तोड़ा पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का रिकॉर्ड

वित्त मंत्री के रूप में निर्मला सीतारमण का यह लगातार सातवां बजट है. इसके साथ ही उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का बतौर वित्त मंत्री पांच वार्षिक बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. इससे पहले ही वो पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लगातार पांच बजट पेश करने और प्रणब मुखर्जी ने भी लगातार पांच बजट पेश करने का रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं

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