Hormuz Crisis : नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया उर्जा संकट से गुजर रही है. इस युद्ध के कारण पूरी दुनिया मों तेल और गैस की आपूर्ति बाधित है. सबसे बड़ी चिंता का विषय ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) का बंद होना है, जिसे दुनिया के तेल ट्रांजिट की जीवन रेखा माना जाता है. युद्ध लंबा खिंचने की आशंका को देखते हुए अब इस गंभीर संकट का समाधान खोजने के लिए ब्रिटेन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है, जिसमें भारत सहित 35 प्रभावशाली देशों को शामिल होने का न्योता दिया गया है.
Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (April 02, 2026)
https://t.co/Yn4rh79uQW— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) April 2, 2026
Hormuz Crisis पर 35 देशों की बैठक में भारत हुआ शामिल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाने और वैश्विक तेल आपूर्ति को सामान्य बनाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही इस बहुपक्षीय वार्ता में भारत अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा. इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री वर्चुअल माध्यम से कर रहे हैं. इस अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का मुख्य लक्ष्य युद्ध के कारण बाधित हुई सप्लाई चेन को बहाल करना है ताकि दुनिया पर मंडरा रहे आर्थिक संकट को कम किया जा सके.
युद्ध क्षेत्र में भारतीयों की सुरक्षा पर अपडेट
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जब रणधीर जायसवाल से युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल किया गया, तो उन्होंने विस्तार से स्थिति स्पष्ट की. प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में लगभग 1 करोड़ भारतीय इन संवेदनशील क्षेत्रों में रह रहे हैं. राहत की बात यह है कि अधिकांश भारतीय सुरक्षित हैं और संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावास लगातार उनके संपर्क में बने हुए हैं. सरकार पल-पल की स्थिति पर नजर रख रही है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके.
8 भारतीयों की मौत और सरकार की सतर्कता
हालांकि, इस दौरान एक दुखद खबर भी सामने आई. विदेश मंत्रालय ने बेहद खेद के साथ पुष्टि की कि इस भीषण युद्ध में अब तक 8 भारतीयों की जान जा चुकी है, जबकि एक भारतीय नागरिक अब भी लापता है. रणधीर जायसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.
जहाजों पर ‘टैक्स’ की खबरों का खंडन
हॉर्मुज संकट के बीच उड़ रही अफवाहों पर लगाम लगाते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वहां से गुजरने वाले भारतीय जहाजों पर किसी भी तरह का कोई अतिरिक्त शुल्क या टैक्स नहीं लगाया गया है. प्रवक्ता ने उन खबरों को निराधार बताया जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान के साथ इस संबंध में कोई समझौता या चर्चा हुई है. भारत फिलहाल स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की बदलती परिस्थितियों पर पैनी नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है.

