Wednesday, February 11, 2026

BMC चुनाव में ठाकरे ब्रदर्स का खेल खत्म ..अजीत पवार का भी बुरा हाल, महायुति ने रुझानों में किया आंकड़ा पार

BMC election results : बृहद मुंबई नगर निगम (BMC) के लिए हुए चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गये हैं. 15 जनवरी यानी शुक्रवार को महानगर के 227 वार्डों में हुए मतदान के बाद आज सुबह दस बजे से मतगणना चल रही है. BMC में बहुमत के लिए किसी भी दल या गछबंठन को 114 सीटों पर जीत की जरूरत है.

BMC election results : नतीजों की तस्वीर लगभग साफ, महायुति के पास स्पष्ट बहुमत

सुबह दस बजे से जारी मतगणना में आये परिणामों और रुझानों के मुताबिक बीजेपी- शिवसेना(शिंदे गुटे) महायुति स्पष्ट बहुमत के साथ बीएमसी में सरकार बनाने जा रही है. महायुति गठबंधन ने मजबूत बढत बनाई हुई है. अब तक अलग-अलग सूत्रों से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक महायुति  119 से 120+ वार्डों पर लीड कर रही है. बहुमत के आंकड़े के हिसाब से देखा जाये तो महायुति ने हाफवे मार्क (114) क्रॉस कर लिया है और स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रही है.

वहीं बात महाअघाड़ी यानी शिवसेना (उद्धव गुट + एमएनएस + कांग्रेस + एनसीपी शरद पवार गुट की करें तो ये गठबंधन बहुमत से काफी पीछे नजर आ रहा है. इस गंठबंधन की पार्टियां कुल मिलकर  लगभग 84-85  सीटों पर लीड बना कर चल रही है.

अब तक बड़े नाम जो जीते या हारे 

 इस बार के बीएमसी चुनाव में कई पूर्वानुमान धरे के धरे रह गये. ठाकरे बस्ती में उद्धव और राज ठाकरे के गठजोड़ के बावजूद BJP ने दबदबा बनाया.कई पारंपरिक ठाकरे इलाकों में महायुति आगे है.

वायकुला चिंचपोकली वार्ड से पूर्व डॉन अरुण गवली की बेटी योगिता गवली  हारी गई हैं.

पूर्व मंत्री नवाब मलिक के भाई कप्तान मलिक भी कुर्ला वेस्ट से हार गये हैं. कप्तान मलिक एनसीपी से लड़ रहे थे.

डोबिबली में एक ही परिवार के तीन सदस्य चुनाव जीत गये हैं. ये तीनों सदस्य  बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के बजाय कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) से हैं, जो मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) का हिस्सा है और BMC से अलग है. दरअसल महाराष्ट्र में आज पूरे राज्य के 29 नगर निगमों के नतीजे  भी आ रहे हैं.

बीएमसी चुनाव में 286 में 127 सीटों पर महिला आरक्षण 

आपको बता दें कि BMC में अब 236 कॉर्पोरेटर हैं, जिनमें से 127 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं. 8 सीटें  SC महिलाओं और 1 सीट ST महिला के लिए सुरक्षित की गई हैं.इसके आलावा 15 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 2 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए सुरक्षित रखी गई हैं. जनसंख्या में बदलाव और पुनर्विकास के आधार पर, लगभग 25% वार्डों की सीमाओं को फिर से बनाया गया, जिससे 60 वार्ड प्रभावित हुए.

 

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