BJP attack CWC: रविशंकर प्रसाद ने पंडित नेहरू को बताया बिहारियों का दुश्मन, तो बिहार बीजेपी ने चलाया ‘#CongressHatesBihar’ हैशटैग

BJP attack CWC: बुधवार को एक तरफ जहां पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस के दिग्गज ये तय करने में लगे है कि कैसे वोट चोरी को बेरोज़गारी से जोड़ कर बिहार चुनाव और देशभर में बीजेपी नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के खिलाफ अभियान खड़ा किया जाए वहीं दूसरी तरफ बीजेपी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कांग्रेस के नेताओं के पुराने बयानों का हवाला दे ये साबित करने में लगी है कि कांग्रेस ने हमेशा बिहार का अपमान किया है. बीजेपी के नेता प्रेस से बात कर ये भी बता रहे है कि कैसे पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को प्रधानमंत्री नेहरू पहला राष्ट्रपति नहीं बनने देना चाहते थे.

बीजेपी ने चलाया #CongressHatesBihar हैशटैग

बीजेपी ने बुधवार को अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमें दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने बिहार को क्राइम कैपिटल कहा था. बीजेपी ने अपने पोस्ट में पूछा है कि कांग्रेस को क्यों यहां अपनी वर्किंग कमेटी की बैठक करनी पड़ रही है. पोस्ट में एक तस्वीर के साथ लिखा है, “जब राहुल के लिए बिहार क्राइम कैपिटल और खड़गे के लिए ये छोटा-मोटा राज्य है तो CWC बैठक यहां क्यों करनी पड़ी? बिहार की जनता स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं करती, कांग्रेस-आरजेडी को इसका हिसाब मिलेगा. ” बीजेपी ने अपने पोस्ट से #CongressHatesBihar हैशटैग भी चलाया.

BJP attack CWC: कांग्रेस का साथ देने पर बीजेपी ने साधा तेजस्वी पर निशाना

इसके साथ ही बिहार बीजेपी ने एक्स पर एक और पोस्ट शेयर की है जिसमें कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों और दूसरे राज्यों के बड़े नेताओं को निशाना बनाया गया है. पोस्ट में लिखा है, “कांग्रेस MLA शिल्पी तिर्की ने बिहारियों को घुसपैठिया कहा, चन्नी ने पंजाब से भगाया, रेवंत रेड्डी ने DNA खराब बताया. इनकी सोच इतनी संकीर्ण है और बेशर्मी इतनी बड़ी कि CWC के बहाने बिहार चले आए. सबसे बड़ी बात तो है कि खुद को बिहार का हितैषी बताने वाला लालू का लाल तेजस्वी भी इन्हें गले लगाते हैं. बिहार सब याद रखेगा.”

रविशंकर प्रसाद ने बताया पंडित नेहरू को बिहार और बिहारियों का दुश्मन

बीजेपी सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, “पटना में कांग्रेस पार्टी का कार्यालय सदाकत आश्रम भारत की आजादी के आंदोलन का केंद्र रहा है… डॉ. राजेंद्र प्रसाद देश के पहले राष्ट्रपति थे… लेकिन प्रधानमंत्री नेहरू उन्हें पहला राष्ट्रपति नहीं बनने देना चाहते थे. प्रधानमंत्री नेहरू उन्हें राष्ट्रपति के रूप में दूसरा कार्यकाल नहीं देना चाहते थे… जय प्रकाश नारायण जी को गिरफ्तार किया गया था लेकिन क्या तब आपने(कांग्रेस) बिहार की चिंता की थी? इन्होंने जगजीवन राम को भारत का प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया था… आज आप(कांग्रेस) बिहार की चिंता कर रहे हैं तो मैंने जानने की कोशिश की कि इन्हें अचानक बिहार में इतनी रूचि क्यों हो गई है…”

यानी एक तरफ जहां विपक्ष यात्राओं और बैठकों के जरिए चुनावों में वोट चोरी, बेरोज़गारी और विकास के मुद्दे उठा जनता को लुभाने में लगा है, वहीं बीजेपी मुद्दों पर नहीं बल्कि पुराने बयानों और इतिहास खोद कर चुनाव जीतने और विपक्ष का सामना करने की रणनीति अपनाती नज़र आ रही है.

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