बिहार में कितने लोगों के कट जायेंगे वोट,चुनाव आयोग ने बताया, कांग्रेस बोली गलत है आंकड़ा

Bihar Voter list : बिहार में मतदाता पुनरीक्षण (SIR) का काम तेजी से चल रहा है. चुनाव आयोग का दावा कि है कि रात-दिन किये जा रहे काम के कारण करीब 75 फीसद मतदाताओं के फॉर्म जमा हो गये हैं. ऐसे में चुनाव आयोग ने बताया है कि राज्य में कम से कम 35 लाख मतदाताओं के नाम कटना तय है.

Bihar Voter list : 35 लाख नहीं 3 करोड़ नाम कटेंगे 

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग के दावे  पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आयोग केवल 35 लाख मतदाताओं की बात कर रहा है लेकिन हमारा दावा है कि यहां कम से कम 3 करोड़ मतदाताओं के नाम कटेंगे.

जो लोग बिहार से बाहर हैं, कटेगा उनका नाम ?

बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वोटर लिस्ट से नाम काटना कोई नई बात नहीं है. अभी आयोग की तरफ से  35 लाख नाम काटने की ही बात कही जा रही है लेकिन जो लोग रोजगार के लिए बिहार से बाहर चले गये हैं उनका नाम कटना भी तय है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग  जो 11 दस्तावेज मांगे थे उनमें राशन कार्ड और आधार कार्ड नहीं था, महागठबंधन के आंदोलन के बाद जोड़ा गया है.

बिहार कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया आंकड़ा

राजेश राम ने कहा कि अभी बीएलओ वोटर्स को केवल एक फॉर्म दे रहे हैं. आने वाले समय में जब स्क्रूटनिंग होगी, उसमें वोटर लिस्ट से नाम कटने वाले वोटरों की संख्या करोड़ों में होगी. आंकड़े के अनुसार बिहार में जो रजिस्टर्ड मजदूर हैं, और काम के लिए राज्य से रहते हैं, उनकी संख्या लगभग 2 करोड़ है. इसके करीब एक करोड़ मजदूर ऐसे हैं जो पंजीकृत भी नहीं हैं. यानी देखा जाये तो ये संख्या 3 करोड़ के उपर है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि वोटर लिस्ट रिविजन के बाद जो फाइनल लिस्ट आएगी, उसमें बाहर वाले सभी लोगों के नाम हटा दिये जायेंगे. ये संख्या 3 करोड़ से भी ज्यादा होगी.आने वाले समय में यह पता चल ही जाएगा.

25 जुलाई तक होगा मतदाता पुनरीक्षण कार्य

मतदाता  पुनरीक्षण का काम  25 जून से शुरु हुआ था और 31 दिन के बीतर इसे समाप्त करना है. चुनाव आयोग के मुताबिक 26 जुलाई तक ये कार्य समाप्त कर दिया जायेगा.

 वोटर लिस्ट से नाम कटने को लेकर चुनाव आयोग ने क्या कहा है ? 

कार्यशैली को लेकर लगातार उठ रही आवाजों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट पुणरीक्षण के दौरान अनुमान है कि कम से कम 35 लाख मतदाताओं के नाम कटना तय है.ये वो लोग होंगे , जिनकी या तो मृत्यू हो चुकी है या ये लोग स्थायी रुप से बिहार से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं. इनमें 12.55 लाख ऐसे वोटर्स हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जबकि 17 लाख 37 हजार लोग स्थायी रूप से बिहार से बाहर शिफ्ट हो गए हैं. इसके अलावा, 5 लाख 76 हजार वोटर्स एक से अधिक जगहों पर रजिस्टर्ड पाए गए हैं, उनका नाम भी काटा जाएगा.

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