Bihar polls: विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों के बीच मतगणना की तैयारी पूरी, ईसी ने कहा-चुनाव आचार संहिता 16 नवंबर तक लागू रहेगी

Bihar polls: ईवीएम की गड़बड़ी, वोट चोरी के आरोप और विपक्ष की मुस्तैदी के बीच 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पाने के लिए मतगणना शुक्रवार, 14 नवंबर कराने के चुनाव आयोग के सारे इंतेजाम कर लिए है.
यह प्रक्रिया शुक्रवार सुबह 8 बजे शुरू होगी. अगर एग्ज़िट पोल सही साबित होते हैं और जेडी(यू) और बीजेपी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ एनडीए को भारी बहुमत मिलता है, तो रुझान जल्दी ही स्पष्ट हो सकते हैं. हलांकि बंपर वोटिंग के चलते महागठबंधन भी जीत की उम्मीद लगाए हुए है.
इस बीच, सासाराम में ट्रक के स्ट्रॉग रूम में आने, सासाराम के साथ ही मुजफ्फरपुर और भागलपुरविपक्ष में सीसीटीवी बंद होने जैसे कई आरोप विपक्ष ने लगाए है.

नीतीश कुमार की किस्मत का होगा फैसला

वोट चोरी के आरोपों के साथ ही ये चुनाव इसलिए भी खास है कि शुक्रवार को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे जेडी(यू) सुप्रीमो नीतीश कुमार फिर से शपथ लेंगे या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों का महागठबंधन उलटफेर करने में कामयाब होगा. देखना ये भी दिलचस्प होगा की अगर एनडीए में बीजेपी बड़ी पार्टी बनती है तो क्या नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे नीतीश कुमार अगर सीएम नहीं बने तो ये उनके राजनीतिक सफर का अंत होगा

Bihar polls: बिहार चुनाव मतगणना के लिए चुनाव आयोग की तैयारियाँ

चुनाव आयोग (ईसी) ने कहा है कि मतगणना 38 ज़िलों के 46 केंद्रों पर होगी। कुल 7.4 करोड़ मतदाता 2,600 से ज़्यादा उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करने के पात्र थे.
6 और 11 नवंबर को दो चरणों में हुए मतदान में रिकॉर्ड 67% मतदान हुआ. चुनाव आयोग (ईसी) के अनुसार, स्वतंत्र भारत में 1951 में पहली बार हुए चुनावों के बाद से बिहार में यह सबसे अधिक मतदान है.
लेकिन चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन पर राजद के तीखे आरोपों के बीच, फैसले से पहले के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े किए गए उपाय

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, वोटिंग मशीनें “डबल-लॉक सिस्टम” का उपयोग करके स्ट्रांगरूम के अंदर सील रहती हैं, और परिसर की सुरक्षा दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था द्वारा की जाती है. भीतरी स्तर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को सौंपा गया है, जबकि बाहरी स्तर राज्य पुलिस द्वारा प्रबंधित किया जाता है. सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.
पारदर्शिता के लिए – खासकर जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाला विपक्ष चुनाव आयोग की ईमानदारी पर सवाल उठा रहा है – मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी केंद्रीय चुनाव आयोग पर्यवेक्षकों और उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त एजेंटों की उपस्थिति में की जाएगी.
चुनाव आचार संहिता भी 16 नवंबर तक लागू रहेगी. पटना के जिला मजिस्ट्रेट ने जुलूस, राजनीतिक सभाओं और प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए निषेधाज्ञा जारी की है.

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