Thursday, February 12, 2026

Bihar New Goverment:अब सरकार बनाने में चलेगा जाति का गणित,राजपूत समाज से आ सकते हैं डिप्टी सीएम

Bihar New Goverment : बिहार विधानसभा चुनाव खत्म हो चुके है और अब इस बात पर अटकले लगनी शुरु हो गई हैं कि इस  बार प्रदेश में कितने डिप्टी सीएम होंगे ?  सीएम का नाम तो तय है लेकिन डिप्टी सीएम को लेकर कयासों का दौर चल रहा है. जानकारों के मुताबिक नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनने जा रही बिहार की नई सरकार में इस बार  दो  उप-मुख्यमंत्री की जगह 3  उप-मुख्यमंत्री बनाये जा सकते हैं.

Bihar New Goverment  : कौन बनेगा डिप्टी सीएम ? 

जानकारों का मानना है कि बीजेपी की तरफ से सम्राट चौधरी का नाम तो लगभग तय ही है  क्योंकि पिछली सरकार में वो नंबर 2 थे और सीएम नीतीश के साथ उनकी केमिस्ट्री  भी अच्छी थी. इस लिए माना जा रहा है कि सम्राट चौधरी तो रहेंगे लेकिन इस बार एक उपमुख्यमंत्री राजपूत समाज से भी आ सकते हैं. जानकार इसका मतलब ये भी निकाल रहे है कि नई सरकार में भूमिहार जाति से आने वाले पूर्व डिप्टी सीएम रहे विजय सिन्हा को फिर इस बार मौका नहीं मिलेगा. हां अगर राज्य में बीजेपी और जेडीयू तीन डिप्टी सीएम बनाने पर विचार करे तो एलजेपी से भी किसी को मौका मिल सकता है.

नई सरकार में किसे मिलेगा कौन सा पद,अटकले तेज

बिहार में पिछली नीतीश सरकार की व्यवस्था देखें तो मंत्रिमंडल में भूमिहार जाति से 2  और राजपूत जाति से 4  मंत्री थे. 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए की तरफ से 70 सवर्ण विधायक जीते हैं, जिसमें बीजेपी 32 राजपूत जाति और 22 भूमिहार जाति से जीते हैं. 2 कायस्थ और बाकी ब्राह्मण हैं. केवल बीजेपी में ही 19 विधायक राजपूत और 12 विधायक भूमिहार जाति से आये हैं. वहीं जदयू में 7 राजपूत और 7 भूमिहार जीते हैं. लोकजनशक्ति पार्टी (LJP-R) के 19 विधायकों में 5 राजपूत समाज से जीते हैं.

 बिहार की सरकार में जातीय समीकऱण

बिहार की पिछली सरकार में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी मिलकर  लव-कुश  समीकरण को पूरा करते हैं, वहीं इस बार अब सवर्ण जातियो और सवर्ण के समर्थन से आने वाले विधायकों की संख्या को देखते अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार दूसरा उप मुख्यमंत्री सवर्ण समाज से बनाया जा सकता है. सवर्णों में भी जातियों के हिसाब से देखा जाये तो विधानसभा में इस बार राजपूत जाति से  32 कैंडिडेट जीतकर आये हैं.इसलिए भूमिहार जाति से आने वाले 22  विधायकों से मुकाबले उनकी दावेदारी ज्यादा मजबूत है. भाजपा के सांसद राजीव प्रताप रूडी चुनाव के पहले से ही ठाकुरों की हिस्सेदारी की बात खुलकर करते रहे हैं.

‘6 विधायक पर एक मंत्री’– नीतीश की नई सरकार में बन सकता है ये फार्मूला  

इस बार एनडीए ने कुल 243 में से 202 सीटें जीती हैं. इस बंपर जीत के बाद तय मानकों के मुताबिक सरकार अपने कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या 35 तक रख सकती है.जानकारों के मुताबिक 6 एमएलए पर 1 मंत्री का पद गठबंधन की पांचों पार्टियों के बीच बांटा जा सकता है. भाजपा को 15 से 16, जनता दल यूनाइडेट (JDU) को 14 से 15,लोक जनशक्ति रामविलास (LJP-R) को 3 से 4,  हम (HAM) और  उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 1-1 मंत्रि पद मिल सकता है. जैसे ही मंत्रियों की संख्या और कोटा तय होगी, तब गठबंधन के अपनी तरफ से अलग-अलग जातियों और समुदायों को भी उनकी हिस्सेदारी बांटकर दे सकते हैं.

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