महागठबंधन की फ्रेडली फाइट का मामला सुलझाने में जुटी कांग्रेस,3 वरिष्ठ नेताओं को भेजा पटना

Bihar Mahagathbandhan :  बिहार विधानसभा के चुनाव में  महागठबंधन के अंदर की खींचतान और फ्रेंडली फाइट का मामला विपक्ष को माइलेज दे रहा है. एनडीए के नेता लगातार अपनी सभाओं में महागठबंधन के भीतर की खींचतान का मजाक बनाकर उन्हें कमजोर बताने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में अब कांग्रेस ने इस फ्रेडली फाइट के माहौल को खत्म करने के लिए अपने तीन खास सिपहसालार को दिल्ली से पटना भेजा है.

Bihar Mahagathbandhan : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुलझायेंगे मामला ! 

कांग्रेस के वरिष्ठ और अनुभवी नेता अशोक गहलौत, राहुल गांधी के राइट हैंड माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल और अजय माकन इस समय पटना पहुंचे हुए हैं.बिहार में 11 सीटें ऐसी हैं,जहां महागठबंधन के ही उम्मीदवार एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं.यहां ऐसा लग रहा है कि महागठबंधन का मुकाबला एनडीए के उम्मीदवारों से नहीं बल्कि अपने ही गठबंधन के उम्मीदवीरों से हैं. ऐसे में अपने गठबंधन को इस फजीहत से बचाने के लिए कांग्रेस मिशन मोड में है और इसे जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है.

कांग्रेस नेता करेंगे तेजस्वी यादव से मुलाकात

इस फ्रेडली फाइट की स्थिति से कैसे निबटा जाये, इस पर विचार करने के लिए तीनों वरिष्ठ कांग्रेस नेता अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव से मुलाकात करेंगे. बताया जा रहा है कि कांग्रेस की प्राथमिकता उन सीटों पर झगड़े को सुलझाना है जहां फ्रेंडली फाइट हो रहा है. कांग्रेस ये पिक्चर पेश करना चाहती है कि महागठबंधन एकजुट है और सभी मिलकर एनडीए का मुकाबला करेंगे.

फ्रेंडली फाइट वाले 11 सीट

आपको बता दें कि अशोक गहलौत जहां कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं मे से एक हैं, वहीं केसी वेणुगोपाल राहुल गांधी के करीबी हैं. अजय माकन चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन रहे हैं. इसलिए कांग्रेस पार्टी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने खास तौर से इन नेताओं को यहां भेजा है. ये नेता उन सीटों पर बात करेंगे, जहां सीपीआई एमएल, राजद और मुकेश सहनी की वीआईपी के मुकाबले कांग्रेस खड़ी है.

आपको बता दें कि वो 12 सीटें कौन कौन से सी हैं, जिन पर महागठबंधन के ही उम्मीदवार एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं.

  1. वैशाली – कांग्रेस के संजीव सिंह के खिलाफ राजद के अजय कुमार कुशवाहा
  2. बिहार शरीफ – कांग्रेस के ओमार खान  के खिलाफ सीपीआई के शिव कुमार यादव
  3. बछवारा – कांग्रेस के शिव प्रकाश गरीब दास  के खिलाफ सीपीआई के अवधेश कुमार राय
  4. राजापाकर – कांग्रेस की प्रतिमा कुमारी के खिलाफ सीपीआई के मोहित पासवान
  5. बेलदौर – कांग्रेस के मिथिलेश कुमार निषाद के खिलाफ सीबीआई की तनीषा भारती
  6. चैनपुर में वीआईपी के गोविन्द बिन्द के खिलाफ राजद के बृज किशोर बिन्द
  7. कहलगांव – कांग्रेस के प्रवीण सिंह कुशवाहा के खिलाफ राजद के रजनीश भारती
  8. सुल्तानगंज – कांग्रेस के ललन कुमार के खिलाफ राजद के चंदन कुमार
  9. सिकंदरा – कांग्रेस के विनोद कुमार चौधरी के खिलाफ राजद के उदय नारायण
  10. नरकटियागंज – कांग्रेस के शाश्वत केदार के खिलाफ राजद के दीपक यादव
  11. करगहर – कांग्रेस के संतोष कुमार मिश्रा के खिलाफ सीपीआई के महेंद्र प्रसाद गुप्ता

एकजुटता दिखाकर पूरी ताकत से चुनाव लड़ने की कवायद

कांग्रेस के तीन नेता राज्य में महागठबंधन के भीतर एकजुटता दिखाकर अपनी पूरी ताकत से एनडीए से लड़ने की कवायद करेंगे. बीते दिनों देखा गया था कि कांग्रेस के पार्टी दफ्तर में पार्टी के ही कुछ असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने टिकट बांटने में धांधली करने का आरोप लगाया और विरोध प्रदर्शन किया था. अब ये वरिष्ठ नेता पार्टी के अंदर फैले असंतोष को भी दूर करने का प्रयास करेंगे.

छठ पूजा के बाद राहुल गांधी आयेंगे बिहार 

दरअसल ये माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ये सारी कवायद राहुल गांधी के प्रचार मैदान में आने से पहले कर रही है ताकि प्रचार के दौरान एकजुटता दिखाई जा सके. जानकारी ये भी है कि  राहुल गांधी के पास बिहार में चल रही हर गतिविधि की खबर है. इसलिए इन नेताओं को यहां होने वाली गड़बड़ को ठीक करने के लिए भेजा गया है. कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ये चाहते हैं कि उनके चुनाव प्रचार में उतरने से पहले फ्रेंडली फाइट का मामला सुलझ जाए, क्योंकि वह नहीं चाहेंगे कि उन सीटों पर वो जायें जाएं, जहां महागठबंधन का ही कोई और प्रत्याशी मैदान में हो.

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