Bhupesh Baghel बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल के एक बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. अपने बिलासपुर दौरे के दौरान मीडिया और कार्यकर्ताओं से मुखातिब होते हुए बघेल ने न सिर्फ आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस का बड़ा प्लान सामने रखा, बल्कि अपने चिरपरिचित अंदाज में विपक्षियों को कड़ा संदेश भी दे दिया.
कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकते हुए भूपेश बघेल ने मुस्कुराते हुए कहा, “कका अभी जिंदा है!” उनके इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि ‘कका’ बैकफुट पर रहने वाले नहीं हैं और वे पूरी आक्रामकता के साथ मैदान में डटे रहेंगे.
आज बिलासपुर रेस्ट हाउस में कांग्रेस के साथियों के साथ भेंट-मुलाकात और संवाद। pic.twitter.com/MVjtJVs34b
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) June 23, 2026
Bhupesh Baghel :सामूहिक नेतृत्व में उतरेगी कांग्रेस,गुटबाजी पर फुलस्टॉप लगाने की कोशिश
बिलासपुर दौरे के दौरान भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस की आगामी चुनावी रणनीति को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस किसी एक चेहरे के बजाय सामूहिक नेतृत्व (Collective Leadership) के दम पर मैदान में उतरेगी.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामूहिक नेतृत्व की बात कहकर बघेल ने पार्टी के भीतर किसी भी संभावित गुटबाजी को रोकने और सभी वरिष्ठ नेताओं (जैसे टीएस सिंहदेव, दीपक बैज, चरणदास महंत) को एकजुट होकर मैदान में उतारने का एक बड़ा सांगठनिक संदेश दिया है.
“राम मंदिर को लूटने का काम कर रहे हैं..”– RSS पर लगाया गंभीर आरोप
अपने इस दौरे में पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र व राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला. बघेल ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि:
“आरएसएस के लोग राम मंदिर को लूटने का काम कर रहे हैं.”
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा की आर्थिक नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में आम जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे किसान, युवा और मध्यम वर्ग हर कोई बुरी तरह परेशान है.
बघेल के इस आक्रामक रुख के सियासी मायने क्या हैं?
भूपेश बघेल का यह दौरा और उनके तीखे तेवर यह साफ दर्शाते हैं कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ में एक मजबूत और आक्रामक मुख्य विपक्षी दल के तौर पर खुद को दोबारा स्थापित करने की पुरजोर कोशिश कर रही है.
कैडर को किया रीचार्ज: “कका अभी जिंदा है” का नारा देकर उन्होंने हार से मायूस बैठे कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया है कि नेतृत्व अभी भी मजबूती से खड़ा है.
बीजेपी के राष्ट्रवाद की काट: राम मंदिर और आरएसएस पर सीधा हमला बोलकर कांग्रेस राज्य में बीजेपी के कोर मुद्दों को काउंटर करने की रणनीति पर काम कर रही है.

