Bhagwant MannTrust Vote चंडीगढ़: पंजाब की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में पेश किया गया विश्वास प्रस्ताव (Trust Vote) जीत लिया है. सदन में चर्चा और वोटिंग के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई, जिसके साथ ही मान सरकार अगले 6 महीनों के लिए संवैधानिक रूप से पूरी तरह ‘सेफ’ हो गई है.
VIDEO | Chandigarh: “There were rumours about defection from AAP but today Congress was absent during confidence motion voting; absence in a way counts as support,” says Punjab CM Bhagwant Mann as AAP govt moves Confidence Motion in Punjab Assembly.
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/FmfoNk4srz
— Press Trust of India (@PTI_News) May 1, 2026
Bhagwant MannTrust Vote: विपक्ष का शोर और विधायकों की गैरमौजूदगी
सदन की कार्यवाही के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. दिलचस्प बात यह रही कि वोटिंग की प्रक्रिया के दौरान 6 विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया. विपक्ष के कड़े रुख के बावजूद आम आदमी पार्टी (AAP) अपनी बहुमत साबित करने में सफल रही. मुख्यमंत्री मान ने इस जीत को लोकतंत्र की जीत बताया है.
7 सांसदों की बगावत के बीच मास्टरस्ट्रोक
पिछले कुछ दिनों से ‘आप’ के 7 सांसदों की कथित नाराजगी और बगावत की खबरों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा रखी थी. ऐसे में सीएम भगवंत मान द्वारा विश्वास प्रस्ताव लाना एक सोची-समझी सियासी रणनीति मानी जा रही है. इस जीत के जरिए मान ने न केवल अपनी ताकत दिखाई है, बल्कि विरोधियों को भी कड़ा संदेश दिया है.
अब 6 महीने तक नहीं आएगा अविश्वास प्रस्ताव
संवैधानिक नियमों के अनुसार, एक बार विश्वास प्रस्ताव पास होने के बाद अब अगले 6 महीनों तक विपक्ष सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) नहीं ला पाएगा. इससे सरकार को अपने पेंडिंग बिलों और विकास कार्यों को बिना किसी राजनीतिक अस्थिरता के डर के पूरा करने का समय मिल गया है.
सीएम भगवंत मान का बयान: “हमारी सरकार जनता के भरोसे पर टिकी है. सदन में आज जो हुआ उसने साबित कर दिया कि पंजाब की जनता और हमारे विधायक विकास की राजनीति के साथ खड़े हैं.”
सियासी हलकों में चर्चा तेज
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भगवंत मान ने पार्टी के भीतर और बाहर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है. हालांकि, वोटिंग से दूरी बनाने वाले 6 विधायकों को लेकर अब कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जो आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति को नया मोड़ दे सकते हैं.

