Tuesday, January 13, 2026

Statehood to J&K की मांग को लेकर किस दिन का इंतजार कर रहे थे उमर अब्दुल्ला, खड़गे और राहुल को क्यों कहा शुक्रिया

बुधवार को कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर को जल्द से जल्द राज्य का दर्जा Statehood to J&K देने की मांग की. राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त रूप से पत्र लिखकर सरकार से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए संसद के आगामी मानसून सत्र में एक विधेयक लाने का आग्रह किया.
कांग्रेस के इस कदम पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोनों नेताओं को धन्यवाद कहा और कहा कि वो इस दिन का कब से इंतज़ार कर रहे थे.
राहुल और खड़गे ने पीएम को लिखे पत्र में ये भी अनुरोध किया कि सरकार केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत शामिल करने के लिए कानून लाए.

कांग्रेस ने Statehood to J&K की मांग को लेकर पत्र में क्या लिखा

मोदी को लिखे अपने पत्र में, खड़गे और राहुल गांधी ने कहा कि, “पिछले पाँच वर्षों से, जम्मू-कश्मीर के लोग लगातार पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग कर रहे हैं. यह माँग जायज़ होने के साथ-साथ उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों पर भी आधारित है.”
कांग्रेस की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि, “यह समझना ज़रूरी है कि जहाँ पहले भी केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य का दर्जा दिए जाने के उदाहरण रहे हैं, वहीं जम्मू-कश्मीर का मामला स्वतंत्र भारत में अभूतपूर्व है. यह पहली बार है जब किसी पूर्ण राज्य को उसके विभाजन के बाद केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया है.”
मोदी को लिखे अपने पत्र में कांग्रेस ने कहा, “आपने स्वयं कई मौकों पर राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है. 19 मई 2024 को भुवनेश्वर में दिए अपने साक्षात्कार में आपने कहा था: “राज्य का दर्जा बहाल करना हमारा एक गंभीर वादा है और हम इस पर कायम हैं.” 19 सितंबर 2024 को श्रीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए आपने फिर से कहा: “हमने संसद में कहा है कि हम इस क्षेत्र का राज्य का दर्जा बहाल करेंगे.””
पत्र में आगे कहा गया है कि, “इसके अलावा, केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भी इसी तरह का आश्वासन दिया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य का दर्जा “शीघ्र और यथाशीघ्र” बहाल किया जाएगा.

उपर्युक्त और उपर्युक्त को ध्यान में रखते हुए, हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र में केंद्र शासित प्रदेश. जम्मू और कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए एक विधेयक लाए.”
खड़गे और गांधी ने कहा, ” इसके अतिरिक्त, हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने के लिए कानून बनाए. यह लद्दाख के लोगों की सांस्कृतिक, विकासात्मक और राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, साथ ही उनके अधिकारों, भूमि और पहचान की भी रक्षा करेगा.”

उमर अबदुल्ला ने कांग्रेस को कहा धन्यवाद

वहीं कांग्रेस के पत्र लिखते ही जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उन्हें धन्यवाद दिया. उमर ने कहा, ”हम इस दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब ऑपोजिशन की तरफ से पार्लियामेंट में और दिल्ली में हमारी आवाज़ जो है वो बुलंद हो. मैं खड़गे जी और राहुल गांधी का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने केंद्र के साथ जम्मू कश्मीर के स्टेटहुड का मुद्दा उठाया.”
उन्होंने कहा, ‘हम कोई ऐसी बात नहीं मांग रहे जिसका वादा हमें ना किया गया हो. संसद में और संसद के बाहर सुप्रीम कोर्ट में, पब्लिक कार्यक्रमों में बार-बार हमें कहा जाता रहा है कि जम्मू कश्मीर को सही समय पर राज्य का दर्जा दिए जाएगा.”

उमर अबदुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की याद दिलाते हुए कहा, ”आपको याद होगा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था तब कहा था कि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा जल्द से जल्द दिया जाना चाहिए. जितना जल्दी हो सकें उतना जल्दी…हम कहते हैं कि जल्द से जल्द कब का हो चुका है, अब जल्द से जल्द जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए.”

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