Bangladesh Sheikh Hasina : बंग्लादेश से निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऑडियो भाषण दिया , जिसमें उन्होने बंग्लादेश के कार्यकारी प्रधानमंत्री मो.युनूस को फासीवादी कातिल बताते हुए कहा कि उनकी सरकार बंग्लादेश को आंतक की आग में झोंक रही हैं.
#BREAKING: Exiled Bangladesh PM Sheikh Hasina delivers speech via audio at “Save Democracy in Bangladesh” event in New Delhi. Hasina calls Muhammad Yunus “Murderous Fascist”. She accused Yunus of running an “illegal, violent” regime and plunging the country into age of terror,… pic.twitter.com/atk1DcCzes
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 23, 2026
Bangladesh Sheikh Hasina ने भाषण में क्या-क्या कहा ?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपने भाषण में कहा कि “उनकी पार्टी “अवामी लीग बांग्लादेश को एकजुट करने और पिछले बारह महीनों की फूट डालने वाली हरकतों को खत्म करने के लिए ये सरकार से कदम उठाने की अपील करती है. हम मोहम्मद यूनुस से आग्रह करते हैं कि वे अपने ही लोगों को नज़रअंदाज़ करना बंद करें और हमारे देश को ठीक करने के लिए ज़रूरी कदम उठाएं.
युनूस सरकार उठाये ये 5 कदम
शेख हसीना ने युनूस सरकार से 5 कदम उठाने की अपील की. उन्होने पांच कदमों के बारे में कहा कि हमारा मानना है कि इससे वो अपनी सरकार को एक बेहतर और मज़बूत बांग्लादेश की ओर ले जाएंगे.
पहला, गैर-कानूनी यूनुस प्रशासन को हटाकर लोकतंत्र बहाल करें।
दूसरा, हमारी सड़कों पर रोज़ाना हो रही हिंसा की घटनाओं को खत्म करें.
तीसरा, धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों, महिलाओं और लड़कियों, और हमारे समाज के सबसे कमज़ोर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पक्की गारंटी दें.
चौथा, पत्रकारों और बांग्लादेश अवामी लीग और विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के सदस्यों को डराने, चुप कराने और जेल भेजने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे राजनीतिक मकसद से किए गए कानूनी दांव-पेच को खत्म करें.
पाँचवाँ, पिछले साल की घटनाओं की एक नई और पूरी तरह निष्पक्ष जाँच करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को आमंत्रित करें…”
‘बंग्लादेश आज एक खाई के पास खड़ा है’
शेख हसीना ने कहा कि “आज बांग्लादेश एक खाई के किनारे खड़ा है, एक ऐसा देश जो बुरी तरह घायल और लहूलुहान है और अपने इतिहास के सबसे खतरनाक दौर से गुज़र रहा है. राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के नेतृत्व में महान मुक्ति संग्राम से हासिल की गई हमारी मातृभूमि अब चरमपंथी सांप्रदायिक ताकतों और विदेशी अपराधियों के भयानक हमले से तबाह हो गई है. हमारी कभी शांत और उपजाऊ ज़मीन अब एक घायल, खून से लथपथ मैदान बन गई है. सच तो यह है कि पूरा देश एक विशाल जेल, एक फांसी का मैदान, मौत की घाटी बन गया है…”
बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने कहा कि “हर जगह सिर्फ़ तबाही के बीच ज़िंदा रहने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की चीखें सुनाई दे रही हैं. ज़िंदगी के लिए बेताब गुहार लगाते लोगों की राहत के लिए दिल दहला देने वाली चीखें सुनाई दे रही हैं.
‘यूनुस सरकार फासीवादी कातिल और सत्ता की भूखी गद्दार’- शेख हसीना
शेख हसीना ने अपने भाषण में वर्तमान मो.युनूस की सरकार को “कातिल फासीवादी, एक सूदखोर, मनी लॉन्डरर, लुटेरा और भ्रष्ट, सत्ता का भूखा गद्दार बताते हुए कहा कि उन्होने विनाशकारी तरीकों से हमारे देश यानी बंग्लादेश को खून से लथपथ कर दिया है. हमारी मातृभूमि की आत्मा को दागदार कर दिया है.
चुनी हुई प्रतिनिधि को निर्वासन पर किया मजबूर
शेख हसीना ने अगस्त 2024 में देश के अंदर हुए विरोध प्रदर्शनों, दंगो और हिंसा को एक सोची समझी साजिश बताते हुए कहा कि “ 5 अगस्त, 2024 को, एक सोची-समझी साज़िश के तहत, देश के दुश्मन, कातिल फासीवादी यूनुस और उसके देश-विरोधी आतंकवादी साथियों ने मुझे ज़बरदस्ती सत्ता से हटा दिया, जबकि मैं लोगों की सीधे चुनी हुई प्रतिनिधि हूँ. उस दिन से, देश आतंक के एक ऐसे दौर में डूब गया है जो बेरहम और लगातार दम घोंटने वाला है. लोकतंत्र अब निर्वासन में है…”
शेख हसीना ने कहा, “इस मुश्किल घड़ी में, पूरे देश को एकजुट होकर और हमारे महान मुक्ति संग्राम की भावना से प्रेरित होकर आगे बढ़ना चाहिए. किसी भी कीमत पर इस राष्ट्रीय दुश्मन की विदेशी-समर्थक कठपुतली सरकार को हटाने के लिए, बांग्लादेश के बहादुर बेटे-बेटियों को शहीदों के खून से लिखे संविधान की रक्षा करनी चाहिए और उसे बहाल करना चाहिए, अपनी आज़ादी वापस पानी चाहिए, अपनी संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए, और हमारे लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा करना चाहिए.
आइए, हम सभी लोकतांत्रिक, प्रगतिशील, और गैर-सांप्रदायिक ताकतें, जो मुक्ति संग्राम के समर्थक हैं, एक मानवीय और कल्याणकारी लोकतांत्रिक राज्य बनाने और खूनी फासीवादी और उसके साथियों के धोखे भरे मंसूबों का पक्के इरादे से सामना करने की गंभीर शपथ लें.
शेख हसीना ने अपने अपने देश को लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अवामी लीग आज़ाद बांग्लादेश की सबसे पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी है, जो हमारे देश की संस्कृति और लोकतंत्र से गहराई से जुड़ी हुई है, बांग्लादेश की राजनीतिक और धार्मिक बहुलवाद की गौरवशाली परंपराओं की रक्षक है, और हमारे कानूनों और संविधान की पक्की समर्थक है. हमारे देशवासियों के लिए इस सबसे बुरे समय में, हम आपको उस समृद्ध मातृभूमि को वापस दिलाने में मदद करने के अपने संकल्प को दोहराते हैं जो आपसे छीन ली गई थी…”
फऱवरी में बंग्लादेश मे होने वाला है आम चुनाव
आपको बता दें कि पिछले लगभग डेढ़ साल ( 4 अगस्त 2024 ) से बंगलादेश की सत्ता से बेदखल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना निर्वासित जीवन जी रही हैं और भारत ने उन्हें राजनीतिक शरण दिया हुआ है. जबरन तख्तापलट के डेढ़ साल बाद अब अगले महीने यानी फरवरी में आम चुनाव होने वाला है, जिसमें एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के चुनाव लड़ने पर प्रतिबध लगा दिया गया है.
बंगलादेश में ये चुनाव 12 फरवरी 2026 को होगा. जो यहां मो. यूनुस की अंतरिम सरकार के नेतृत्व मे हो रहा है है. इसी चुनाव में जुलाई चार्टर पर एक संवैधानिक जनमत संग्रह (referendum) होगा,जिसमें देश में चुनाव सुधारों से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं.

