Thursday, February 12, 2026

बंगलादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने यूनूस सरकार पर लगाये गंभीर आरोप, आम चुनाव को बताया असंवैधानिक

Bangladesh General Election : भारत में शरणागत का जीवन जी रही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरावार 12 फरवरी को देश में हुए आम चुनाव की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाये हैं. उन्होंने इस चुनाव  को फर्जी, अवैध और असंवैधानिक बताया है. शेख हसीना ने बंग्लादेश की जनता, खासकर महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदायों का चुनाव के बहिष्कार के लिए आभार जताया है. हसीना ने कहा कि देश के अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया है .

Bangladesh General Election:अंतरिम सरकार बदलने के लिए आमचुनाव

बंगालदेश में पिछले पिछले दो साल से चल रही अंतरिम सरकार की जगह एक स्थायी सरकार को चुनने के लिए 12 फरवरी यानी गुरुवार को पूरे देश मे वोटिंग हुई. इस चुनाव के परिणाम के बाद देश में मो. मोहम्मद यूनूस की जगह पर जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि के हाथों में सत्ता सौंपी जायेगी. बंग्लादेश में 2024 में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद से  मो. यूनूस के नेतृत्व में सरकार चल रही है.

बंग्लादेश में सुबह 7.30 बजे से 4.30 बजे तक हुआ मतदान

देश की 13वीं संसद के लिए 300 सीटों में से 299 संसदीय सीटों पर सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान हुआ. एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया. आज मतदान के साथ- साथ 84 सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया गया.

कौन कौन सी पार्टियां लड़ी चुनाव ?

बंग्लादेश के इस आम चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है. शेख हसीना की पार्टी को इस चुनाव मे लड़ने से रोक दिया गया है क्योंकि अंतरिम सरकार के मुखिया  मोहम्मद यूनुस ने पिछले साल अवामी लीग को भंग करके उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दिया था.

शेख हसीना का मो. यूनूस पर आरोप

देश में आम चुनाव के बीच पूर्व पीएम शेख हसीना ने एक बयान जारी किया है जिसमें आरोप लगाया है कि यूनुस ने बंगलादेश में गैरकानूनी और असंवैधानिक तरीके से सत्ता पर कब्जा किया था और अब जब उनके ही नेतृत्व में चुनाव कराया जा रहा है तो यहां जनता के मतदान अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है . उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार ने योजना बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की है.

11 फरवरी से ही मतदान केंद्रों पर किया जबरन कब्जा – शेख हसीना

शेख हसीना ने अपने बयान में दावा किया कि मतदान से पहले 11 फरवरी की शाम से ही मतदान केंद्रों पर गोलीबारी, कब्जा,  वोट खरीदने के लिए धन का इस्तेमाल, बैलेट पेपर पर जबरन मुहर लगाने और एजेंटों से परिणाम पत्रों पर हस्ताक्षर कराने जैसी घटनाएं शुरू हो गई थीं. उन्होंने दावा किया कि 12 फरवरी की सुबह पूरे देश में  मतदान का प्रतिशत बेहद कम रहा.यहां तक की कई मतदान केंद्र तो पूरी तरह से खाली रहे.

आंकड़ों के साथ बताया चुनाव का हाल

शेख हसीना ने चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सुबह 11 बजे तक केवल 14.96 प्रतिशत मतदान हुआ,  जो ये साबित करता है कि जनता ने अवामी लीग की अनुपस्थिति के कारण चुनाव का बहिष्कार किया. पूर्व पीएम ने कहा कि चुनाव से पहले उनकी पार्टी अवामी लीग के समर्थकों को डराने ,  अल्पसंख्यकों को धमकाने और गिरफ्तार करने की घटनाएं हुई  लेकिन लोगों ने हिम्मत दिखा कर चुनाव का बहिष्कार किया है. इसलिए ये चुनाव पूरी तरह से गैर कानूनी और असंवैधानिक है.

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