Tuesday, March 3, 2026

ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की अमेरिका मीडिया ने ही खोली पोल, बताया वन मैन शो,अपना एजेंडा चलाने के लिए बना रहे हैं प्लान

Trump Board Of Peaceअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की अमेरिका में भी जमकर चर्चा हो रही है, खास कर अमेरिकी मीडिया इसे ट्रंप का एक एजेंडा बता रहे हैं.  अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT)  ने ट्रंप के इस प्लान को वनमैन शो बता दिया है. न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT)  ने लिखा है कि एक तरह से ऐसा लगता है कि राष्ट्रपति ये प्लान अपने एजेंडे को चलाने के लिए शुरू करना चाहते हैं. ट्रंप की ये संस्था वन मैन पावर शो है. जिस तरह का प्लान है इस देखते हुए ऐसा लग रह है कि इस प्लान में डोनाल्ड ट्रंप को ही केवल अधिकार होगा कि वो किसी भी मसले पर वीटो लगा सकते हैं. उन्होने खुद को अनिश्चितकाल के लिए बोर्ड का चेयरमैन घोषित कर दिया है. से भी साफ कर दिया गया है कि बोर्ड का एजेंडा भी वही तय करेंगे , इतना ही नहीं वहीं ये भी तय करेंगे कि इस बोर्ड ऑफ पीस में कौन से देश रहैंगे और कौन नहीं.

Trump Board Of Peace : ‘ट्रंप जब चाहे बोर्ड ऑफ पीस को कर सकते हैं भंग’

अमेरिकी अखबार लिखते है कि वर्तमान प्रावधान के मुताबिक बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप जब चाहें, भंग कर सकते हैं और बोर्ड के लिए नया चेयरमैन नियुक्त कर सकते हैं. ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के गठन के लिए बने ड्राफ्ट के आर्टिकल 3.2 में लिखा गया है कि इस बोर्ड के पहले चेयरमैन डोनाल्ड ट्रंप होंगे. अखबार के मुताबिक एक्सपर्ट मानते हैं कि ट्रंप का ये ‘बोर्ड ऑफ पीस’ वनमैन शो है. न्यूयार्क टाइम्स लिखता है  कि ट्रंप दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनी व्यवस्था को बदलकर नया सिस्टम लाना चाहते हैं, और अपने आपको को इसके केंद्र में रखना चाहते हैं.  कैंब्रिज इंटरनेशनल लॉ प्रोफेसर मार्क वेलर का कहना है कि इस तरह  की बातें कहा सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र पर हमला है और उसके वजूद पर खतरा पैदा करना है.

अब तक कौन कौन हुए शामिल ?

राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्लान में अब तक दुनिया के कई देश शामिल हो चुके हैं. पाकिस्तान, सऊदी अरब, इजरायल, मिस्र,  बेलारूस समेत कई देश इससे जुड़ चुके हैं. हंगरी ने तो ट्रंप की शान में कसीदे भी पढ़े हैं. हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने अपने फेसबुक पेज पर पर लिखा है-  “जहां ट्रंप, वहां शांति… मिस्टर ट्रंप ने मुझे बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है और मैंने निसंदेह इससे जुड़ूंगा. यह मेरे लिए गर्व की बात है.”

दरअसल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गाजा में नये सिरे से व्यवस्था के लिए बीते साल नवंबर में एक बोर्ड के गठन की बात कही थी. कहा था कि ऐसा बोर्ड  बने जो शांति व्यवस्था बनाने के लिए 2027 तक काम करे.

ट्रंप ने इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए बोर्ड ऑफ पीस के गठन की बात की है, लेकिन अभी इसकी शक्तियां निर्धारित नहीं की गई हैं. वर्तमान हालात को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि ट्रंप एक बार फिर से खुद को केंद्र मे रख कर इसे “वन मैन शो’ बनाने की कोशिश में हैं. हाल ही में ट्रंप ने कहा भी है कि संयुक्त राष्ट्र संघ उम्मीदें पूरी नहीं कर पाया है. इस संस्था में क्षमता तो बहुत थी लेकिन वो उम्मीदें पूरी नहीं कर सकी .

क्या है ट्रंप के इरादे ?

डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ दुनिया में मौजूद विवादों को खत्म करेगा. इतनी ही नहीं ये संस्था भविष्य में संयुक्त राष्ट्र(यूएन) की भी जगह ले सकता है. इससे इतना तो साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पूरी दिया में चौधरी बनकर अपनी चलाना चाहते हैं. ट्रंप के इस बयान से दुनिया भर के देशों में की चिंताएं बढ़ गई है.ये बात अब पूरी तरह से साफ हो गई है कि  अमेरिका अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में एकछत्र राज कायम करना चाहता है.

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