Monday, March 2, 2026

Akal Takht punishment: सुखबीर, ढींडसा, मजीठिया ने सजा के पहले दिन स्वर्ण मंदिर में सेवा की

Akal Takht punishment: सिखों की सर्वोच्च धार्मिक पीठ अकाल तख्त द्वारा शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और उसकी पंजाब सरकार द्वारा 2007-17 के दौरान की गई गलतियों के लिए ‘तनखाह’ या धार्मिक दंड की घोषणा के एक दिन बाद, इसके पूर्व अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री सुखदेव सिंह ढींडसा मंगलवार को स्वर्ण मंदिर में प्रायश्चित के रूप में ‘सेवा’ करने के लिए अपने गले में अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए तख्तियां लटकाए व्हीलचेयर पर पहुंचे.

सेवादार की नीली चोली पहने , बरशा थामे दिखे सुखबीर सिंह बादल और ढींडसा

एक सेवादार की नीली चोली पहने और एक पैर में प्लास्टर पहने सुखबीर सिंह बादल सुबह स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर व्हीलचेयर पर बैठे हुए एक घंटे तक बरशा (भाला) थामे रहे. हालाँकि वे सादे कपड़ों में समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों से घिरे हुए थे, लेकिन संगत (सिख अनुयायी) अपने मोबाइल फोन पर इस दृश्य को कैद करते देखे गए. सुखबीर जहाँ दाईं ओर बैठे थे, वहीं 88 वर्षीय ढींडसा भाला थामे प्रवेश द्वार के बाईं ओर व्हीलचेयर पर बैठे थे. पंजाब पुलिस और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने सुरक्षा सुनिश्चित की.

Akal Takht punishment: मजीठिया ने मांजे बर्तन

62 वर्षीय सुखबीर के अलावा उनके रिश्तेदार और पंजाब के पूर्व राजस्व मंत्री 48 वर्षीय बिक्रम सिंह मजीठिया को स्वर्ण मंदिर के सामुदायिक रसोई (लंगर हॉल) में बर्तन धोते देखा गया. सुखबीर को सिखों के सबसे पवित्र मंदिर में जूते और बाथरूम साफ करने का भी काम सौंपा गया है.

चीमा, मजीठिया और ग्रेवाल ने साफ किया शौचालय

अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा, बिक्रम सिंह मजीठिया और महेशिंदर सिंह ग्रेवाल ने कल अकाल तख्त द्वारा घोषित धार्मिक दंड के तहत अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में शौचालय साफ किए.


स्वर्ण मंदिर में शौचालय साफ करने का आदेश देने वाले अकाली नेताओं में सुच्चा सिंह लंगाह, बलविंदर सिंह भूंदड़, दलजीत सिंह चीमा, जागीर कौर, प्रेम सिंह चंदूमाजरा, मजीठिया, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, चरणजीत सिंह अटवाल और सुखबीर के बहनोई आदेश प्रताप सिंह कैरों शामिल हैं.

पंज सिंह साहिबों ने सोमवार सुनाई थी सज़ा

मंगलवार को आदेश पढ़ते हुए ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि सुखबीर बादल और उनके पूर्व कैबिनेट मंत्रियों को 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देना होगा. उन्होंने कहा कि पंज सिंह साहिबों (अकाल तख्त के पांच महापुरोहितों) की एक बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि पंजाब सरकार के उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष के तौर पर सुखबीर सिंह बादल ने कुछ ऐसे फैसले लिए, जिनसे पंथक स्वरूप (सिख समुदाय की छवि) को ठेस पहुंची है. शिरोमणि अकाली दल की स्थिति खराब हो गई है और सिख हितों को काफी नुकसान पहुंचा है. इसलिए 2007-17 के उनके साथी सिख कैबिनेट मंत्रियों को इस संबंध में 15 दिनों के भीतर अकाल तख्त के समक्ष अपना लिखित स्पष्टीकरण देना होगा.

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