Friday, February 13, 2026

दिल्ली मुंबई समेत कई शहरों में फ्लाइट के जीपीएस से छेड़छाड, सरकार ने संसद में दी बड़ी जानकारी

Airports GPS Spoofing:हाल के दिनों में लगातार इस तरह की जानकारिया सामने आ रही है, जिसमें बड़े संस्थानों और सेक्टरों के मशीनरी को खुफिया तरीके से हैक करने और छेड़छाड़ करने की बात कही जा रही है.  इस तरह की जानकारियों पर अब केंद्र सरकार ने मुहर लगाई है.

Airports GPS Spoofing  मंत्री ने दी लिखित जानकारी  

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही केंद्र सरकार ने संसद के उपरी सदन राज्यसभा में एक सनसनीखेज जानकारी देते हुए बताया कि देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस की घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन एयरपोर्ट्स में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, अमृतसर, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरो के हाइटेक एयरपोर्ट शामिल हैं.  GPS स्पूफिंग और GNSS इंटरफेरेंस वही समस्या है, जिसमें सेटेलाइट आधारित नेविगेशन सिस्टम बाधित कर दिया है और इसका सीधा असर उड़ान के परिचालन पर पड़ सकता है.

 Airports GPS Spoofing  : नवंबर 2023 से चल रही है मॉनेटरिंग

एयरपोर्ट जैसी जगहो पर लगातार साइबर अटैक और स्पूफिंग की कोशिशों को देखते हुए नागरिक उड्डयन विभाग (DGCA ) ने नवंबर 2023 से ही सभी एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स को निर्देश दिया हुआ है कि ऐसे मामलों की कंपलसरी रिपोर्टिंग की जाये. इसके बाद से डीजीसीए को लगातार देशभर से रिपोर्टें मिल रही हैं.

संसद में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक लिखित जवाब में जानकारी दी कि हालात को देखते हुए निगरानी और टेक्निकल सिस्टम को मजबूत किया गया है. जब भी सैटेलाइट नेविगेशन में दिक्कत आती है, तब यहां मौजूद ऑपरेटिंग नेटवर्क के जरिये नजर रखी जारी है , ताकि उड़ानों को सुरक्षित रूप से संचालित करने किया जा सके.

GPS Spoofing पर  सरकार की कड़ी नजर 

संसद में सरकार ने माना कि सेटेलाइट संकेतों (नेविगेशन) में दखल उड़ानों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है . इसी वजह से निगरानी और तकनीकी जांच को और मजबूत किया गया है.

उड्डयन मंत्री ने संसद को आश्वस्त किया कि सरकार देश के सभी बड़े एयरपोर्ट्स पर ऐसे मामलों के मॉनेटरिंग कर रही है और नियमित रूप से मामले दर्ज किये जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की संभावित समस्या पर तुरंत कार्रवाई हो सके.

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