सीएम योगी का बड़ा संदेश-योग भारत की विरासत,स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार

International Yoga Day 2026 झांसी : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने झांसी में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए योग को भारत की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत बताया. उन्होंने कहा कि योग केवल 21 जून को मनाए जाने वाला एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक ऐसी पद्धति है जिसे हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव है और योग इस दिशा में सबसे प्रभावी साधन है. उन्होंने लोगों से नियमित योग अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे न केवल शरीर बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा भी स्वस्थ रहती है.

International Yoga Day 2026:योग फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम पर हुआ कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन इस वर्ष ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ (स्वस्थ आयु के लिए योग) थीम के तहत किया गया. झांसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योगाभ्यास किया और आयुष विभाग की आयुष ई-पत्रिका का विमोचन भी किया.

उन्होंने कहा कि यह थीम केवल बुजुर्गों के लिए नहीं बल्कि हर आयु वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है. योग व्यक्ति को लंबे समय तक स्वस्थ, ऊर्जावान और सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है.

पीएम मोदी ने योग को दिलाई वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है. प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण आज दुनिया के लगभग 200 देशों में योग को अपनाया जा रहा है. योग अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा बल्कि यह विश्व कल्याण का माध्यम बन चुका है.

 सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री हर वर्ष अलग-अलग राज्यों में जाकर योग दिवस कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और इस अभियान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं.

स्वस्थ शरीर के बिना लक्ष्य हासिल करना कठिन

मुख्यमंत्री ने भारतीय शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि “शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्”, अर्थात स्वस्थ शरीर ही जीवन के सभी कर्तव्यों और उद्देश्यों को पूरा करने का आधार है.

उन्होंने कहा कि यदि शरीर निरोग नहीं होगा तो व्यक्ति अपने जीवन के किसी भी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएगा. एक स्वस्थ छात्र बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकता है, स्वस्थ किसान खेती में नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है, स्वस्थ श्रमिक विकास की नई इबारत लिख सकता है और स्वस्थ वैज्ञानिक देश को नई खोजें दे सकता है. उनके अनुसार एक स्वस्थ नागरिक ही मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है.

योग से जुड़ी दुनिया, भारत को मिला सम्मान

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की योग परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है. आज विश्वभर में योग के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आयुष और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी भारत को नई पहचान मिली है. इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं.

तन स्वस्थ तो मन, बुद्धि और आत्मा भी स्वस्थ

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है बल्कि यह संपूर्ण जीवन को संतुलित करने का माध्यम है.

उन्होंने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ होगा तो मस्तिष्क भी स्वस्थ रहेगा. स्वस्थ मस्तिष्क से बुद्धि का विकास होगा और स्वस्थ बुद्धि आत्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगी. इसलिए योग व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का आधार है.

21 जून का विशेष महत्व बताया

मुख्यमंत्री ने 21 जून के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है. इस दिन सूर्य का प्रकाश सबसे अधिक समय तक पृथ्वी पर रहता है.

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सूर्य को ऊर्जा और जीवन का स्रोत माना गया है. सूर्य के अधिक संपर्क में रहने से मनुष्य और प्रकृति दोनों को ऊर्जा प्राप्त होती है. योग दिवस का आयोजन भी इसी ऊर्जा को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करता है.

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय ऋषियों ने सभी पर्व और उत्सव प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने के उद्देश्य से निर्धारित किए थे.

नवरात्रि और प्रकृति विज्ञान का संबंध

सीएम योगी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्ष में दो बार मनाई जाने वाली नवरात्रि भी प्रकृति और ऊर्जा के विज्ञान से जुड़ी हुई है. ऋतु परिवर्तन के दौरान प्रकृति विशेष ऊर्जा प्रदान करती है और भारतीय परंपराएं इसी वैज्ञानिक सोच पर आधारित हैं.

उन्होंने कहा कि योग भी व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ता है और उसे सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।

भगवान शिव से शुरू हुई योग की परंपरा

मुख्यमंत्री ने योग की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि योग की शुरुआत आदियोगी भगवान शिव से मानी जाती है. बाद में ऋषि-मुनियों ने इस ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया. उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा आया जब हम अपनी इस महान विरासत को भूलने लगे थे लेकिन अब भारत फिर से अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व महसूस कर रहा है.

योग अपनाइए, रोग और समय से पहले बुढ़ापे से बचिए

सीएम योगी ने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा—

“न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्”

अर्थात जो व्यक्ति योग के माध्यम से अपने शरीर को मजबूत और संतुलित बना लेता है, उसके पास रोग, समय से पहले बुढ़ापा और कमजोरी नहीं आती.

उन्होंने कहा कि यदि लोगों को गंभीर बीमारियों और समय से पहले आने वाले बुढ़ापे से बचना है तो योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा.

प्रदेश के हर कोने में मनाया गया योग दिवस

मुख्यमंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए.

उन्होंने कहा कि राज्यपाल Anandiben Patel प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों का नेतृत्व कर रही हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya प्रयागराज और उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak लखनऊ में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल हुए.

प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, 825 विकासखंड मुख्यालयों, 350 तहसीलों और 762 नगर निकायों में भी योग दिवस उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया.

प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने 1857 की वीरांगना Rani Lakshmibai की कर्मभूमि झांसी से प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं.

उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वस्थ, सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है. यदि प्रत्येक नागरिक योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना ले तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक मजबूत बनेंगे.

मुख्यमंत्री ने सभी के सुख, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना करते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया.

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, सांसद अनुराग शर्मा, विधायक रवि शर्मा, जवाहर लाल राजपूत, राजीव सिंह पारीछा, रमा निरंजन, रश्मि आर्य, राम तीर्थ सिंघल, महापौर बिहारी लाल आर्य सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.

योग केवल एक दिन का विषय नहीं …

झांसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश स्पष्ट रहा कि योग केवल एक दिन का आयोजन नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन का स्थायी सूत्र है. योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाता है. यही कारण है कि आज योग भारत की सीमाओं को पार कर वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है. यदि योग को दैनिक जीवन में अपनाया जाए तो स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र का सपना साकार हो सकता है.

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