Iran ceasefire demands: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते का एक नाज़ुक संघर्ष-विराम, मध्य-पूर्व में मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों पर अस्थायी रोक लगाने में सफल रहा है. यह कूटनीतिक सफलता तब मिली, जब ट्रंप प्रशासन तेहरान द्वारा पेश किए गए 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत करने के लिए सहमत हो गया; इस प्रस्ताव में प्रतिबंधों में राहत से लेकर सैन्य वापसी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण तक की व्यापक शर्तें शामिल हैं.
यह समझौता ज़ोरदार कूटनीतिक कोशिशों के बीच हुआ है, और उम्मीद है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मध्यस्थता के बाद इस्लामाबाद में बातचीत जारी रहेगी.
Iran ceasefire demands क्या हैं?
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका द्वारा स्वीकार किए गए प्रस्ताव में ये मुख्य शर्तें शामिल हैं:
1-अमेरिका और ईरान के बीच अनाक्रमण समझौता
2- होरमुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना
3- ईरान के परमाणु संवर्धन अधिकारों को मान्यता देना
4- अमेरिका के सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना
5- तीसरे देशों पर असर डालने वाले सभी माध्यमिक प्रतिबंधों को हटाना
6- ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
7- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) बोर्ड के सभी प्रस्तावों को रद्द करना
8- नुकसान के लिए ईरान को मुआवज़ा देना
9- इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी
10- सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति, जिसमें लेबनान में हिज़्बुल्लाह जैसे ईरान-समर्थित समूहों से जुड़े संघर्ष भी शामिल हैं
होरमुज़ के फिर से खुलने से जुड़ा संघर्ष-विराम
इन माँगों की स्वीकृति एक अस्थायी तनाव कम करने वाले समझौते से जुड़ी है. इस समझौते के तहत, ईरान होरमुज़ जलडमरूमध्य से दो हफ़्तों के लिए नियंत्रित आवाजाही की अनुमति देने पर सहमत हो गया है; यह तेल की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मार्ग है, जिससे दुनिया की लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल आपूर्ति गुज़रती है.
इसके बदले में, अमेरिका ने अपनी आक्रामक सैन्य कार्रवाई रोक दी है, जिसमें ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले बढ़ाने की धमकियाँ भी शामिल थीं.
ट्रंप ने सीजफायर पर क्या कहा
ट्रंप ने इस योजना को ‘कारगर’ बताया, लेकिन इसके ब्योरे अभी स्पष्ट नहीं हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि यह प्रस्ताव एक व्यापक शांति समझौते की नींव बन सकता है, और उन्होंने यह भी जोड़ा कि दोनों देशों के बीच के “लगभग सभी” प्रमुख मुद्दों को सैद्धांतिक रूप से सुलझा लिया गया है.
ये भी पढ़ें-इस्तांबुल में इज़राइल कॉन्सुलेट पर हमला; पुलिस के साथ गोलीबारी में 1 शूटर की…

