Tuesday, January 13, 2026

land-for-job case: लालू परिवार पर चलेगा भ्रष्टाचार का मुकदमा, कोर्ट ने सभी आरोपियों पर तय किए आरोप

बिहार विधानसभा के चुनावों के बीच लालू यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को ज़मीन के बदले नौकरी मामले land-for-job case में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत सभी आरोपियों की मौजूदगी में आरोप तय किए गए.

land-for-job case: किन धाराओं में तय किए आरोप?

लालू परिवार से कोर्ट ने पूछा कि क्या वो अपराध स्वीकार करते है जिसके जवाब में लालू यादव, रबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सभी ने खुद को निर्दोष बताया. जिसके बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले में मुकदमा चलेगा. कोर्ट ने मुकदमा चलाने के लिए जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए है, उनमें IPC 420, IPC 120B, प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) शामिल हैं. बता दें कि प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) सिर्फ लालू यादव पर लगी है.

विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आदेश का मुख्य अंश पढ़ते हुए कहा कि यादव ने रेल मंत्री रहते हुए आईआरसीटीसी के स्वामित्व वाले दो होटलों की निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करके उन्हें सुजाता होटल्स को आवंटित कर दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सह-आरोपी विजय और विनय कोचर अपनी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव को कम मूल्य पर ज़मीन के टुकड़े दें.

व्हील चेयर पर कोर्ट पहुंचे लालू यादव

सुबह सुनवाई में शामिल होने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और पार्टी नेता तेजस्वी यादव दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट पहुँचे. लालू यादव व्हील चेयर पर बैठे थे.

लालू परिवार के पांच सदस्य आरोपी

लैंड फॉर जॉब मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और और आरजेडी लालू प्रसाद यादव के परिवार के पांच सदस्य आरोपी हैं. इनमें लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव, और उनकी दो बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं.

क्या है land-for-job case

नौकरी के बदले भूमि घोटाले का मामला 2004-09 के दौरान ‘ग्रुप-डी’ कर्मियों की भर्ती में हुए तथाकथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है. आरोप है कि उक्त अवधि में ‘ग्रुप-डी’ पदों पर नियुक्तियां के लिए जमीन बतौर रिश्वत ली गई. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मई 2022 को मामले में एफआईआर दर्ज की थी.
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कोई सार्वजनिक नोटिस या विज्ञापन जारी नहीं किया गया थी और फिर भी नियुक्तियां की गईं.
इस मामले में लालू के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं. कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान लालू के पास रेलवे विभाग था.

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