Varanasi Greenfield Elevated Corridor नई दिल्ली: देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और औद्योगिक क्रांति को एक नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने निवेश के मोर्चे पर अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है. बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संपन्न हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के आर्थिक भविष्य को बदलने वाले कई युगांतकारी फैसलों पर मुहर लगाई गई. बैठक के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन बड़े निर्णयों की आधिकारिक घोषणा की. सरकार ने देश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने और आंतरिक कनेक्टिविटी को चाक-चौबंद करने के लिए कुल 2,19,353 करोड़ रुपये के विशालकाय बजट वाली सात बड़ी दूरगामी परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दे दी है. यह मेगा पैकेज भारत की विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है.
Varanasi Greenfield Elevated Corridor:वाराणसी बनेंगे दो एलिवेटेड कॉरिडोर
उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और स्थानीय निवासियों को जाम की बड़ी समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए कैबिनेट ने दो अत्यधिक महत्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है. इसके तहत आगरा से कोलकाता (डंकुनी) को जोड़ने वाले लगभग 1323 किलोमीटर लंबे एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के मध्य एक भव्य 6 लेन का ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा. गंगा नदी के किनारे बनने वाले इस शानदार कॉरिडोर पर सरकार 14,447.64 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. इसके साथ ही, स्थानीय आवागमन को अधिक सुव्यवस्थित और तीव्र करने के उद्देश्य से वरुणा नदी के समानांतर 6 और 4 लेन का एक अन्य एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके निर्माण पर कुल 10,998 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि व्यय की जाएगी.
कृषि और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के नीतिगत फैसले
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और औद्योगिक माल ढुलाई की रफ्तार को दोगुना करने के लिए भी कैबिनेट ने बड़े बजटीय आवंटन किए हैं. मंत्रिमंडल ने देश में खाद की आत्मनिर्भरता बढ़ाने और घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए नई राष्ट्रीय निवेश नीति-2026 को अपनी प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. वहीं, रेल नेटवर्क के विस्तार के तहत ओडिशा के महत्वपूर्ण औद्योगिक मार्ग पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य के लिए 2,542 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इसके अलावा, मालगाड़ियों के सबसे व्यस्त रूटों में शुमार डांगोआपोसी-राजखरसावां रेल खंड पर यातायात का दबाव कम करने के लिए 1,365 करोड़ रुपये की लागत से चौथी रेलवे लाइन बिछाने के प्रस्ताव को भी सरकार ने पास कर दिया है.
तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए सेमीकंडक्टर और मोबाइल विनिर्माण पर विशेष जोर
इस उच्च स्तरीय कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख आकर्षण और सबसे भारी-भरकम हिस्सा देश को तकनीकी मोर्चे पर वैश्विक महाशक्ति बनाने से जुड़ा रहा. केंद्र सरकार ने भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने इरादे साफ कर दिए हैं. इसके तहत घरेलू स्तर पर चिप निर्माण और स्मार्टफोन उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से दो बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं के लिए भारी बजटीय पैकेज की घोषणा की गई है, जो आने वाले समय में देश के भीतर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ विदेशी निवेश को भी बड़े पैमाने पर आकर्षित करेगी.

