कुएं के अंदर जहरीली गैस से 4 लोगों की मौत, हादसे से पूरे इलाके में मचा हड़कप

Gaya Well Gas Tragedy गया: बिहार के गया जिले में एक दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई. डोभी थाना क्षेत्र के गरह करमौनी गांव में कुएं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की जान चली गई. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच में जुटी है.

Gaya Well Gas Tragedy:कुएं में जहरीली गैस से चार की मौत

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, यह हादसा डोभी थाना क्षेत्र के गरह करमौनी गांव में हुआ. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुएं के अंदर जहरीली गैस फैल गई थी. इसी गैस को सांस के जरिए अंदर लेने के बाद चारों लोगों की मौत होने की बात सामने आई है.

मृतकों की पहचान चमारी मांझी, उनके बेटे दिलचंद मांझी, विकास चौधरी और विजय चौधरी के रूप में हुई है.

गया के एसएसपी सुशील कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कुएं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने के कारण चारों लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है.

हादसे के बाद गांव में मचा हड़कंप

एक साथ चार लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद गरह करमौनी गांव में हड़कंप मच गया. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है.

कुएं के अंदर जहरीली गैस कैसे बनी और वहां मौजूद लोगों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर भी जांच की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, 4-4 लाख रुपये की सहायता

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया की घटना पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही गई है.

सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि डोभी के करमौनी गांव में कुएं के अंदर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत की खबर बेहद हृदयविदारक है. उन्होंने इस अपूरणीय क्षति पर शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की.

जहरीली गैस वाले कुएं में उतरना क्यों खतरनाक?

बंद या लंबे समय से इस्तेमाल नहीं किए गए कुओं में ऑक्सीजन की कमी के साथ जहरीली या दम घोंटने वाली गैसें जमा हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में बिना सुरक्षा उपकरणों के कुएं में उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है। किसी व्यक्ति के बेहोश होने या फंसने की स्थिति में दूसरे व्यक्ति का भी बिना सुरक्षा इंतजाम के अंदर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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