कहा जा रहा है कि ईरान-US युद्ध Iran-US war के बीच दो भारतीय झंडे वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने की इजाज़त दे दी गई है, जबकि ज़्यादातर जहाज़ 28 फरवरी को शुरू हुई गोलीबारी में फंसने के डर से अभी भी फंसे हुए हैं.
सूत्रों ने बताया कि भारतीय जहाज़ बुधवार रात और गुरुवार सुबह के बीच स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुज़रने लगे. इस मामले पर ऑफिशियल बयान का इंतज़ार है.
महाराष्ट्र के मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा जहाज
यह तब हुआ जब दो दिन पहले सऊदी अरब का कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया का झंडा लगा एक टैंकर, जिसे एक भारतीय चला रहा था, बुधवार को होर्मुज की खाड़ी से होकर महाराष्ट्र के मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा. यह भारत जाने वाला पहला जहाज बन गया जो सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरा, जहां US और इज़राइल के ईरान पर हमला करने के बाद से समुद्री यातायात लगभग बंद हो गया है.
Iran-US war, एस जयशंकर और सैयद अब्बास अराघची के बीच हुई बात
मंगलवार को, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बात की और पश्चिम एशिया में संघर्ष के ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की.
A detailed conversation this evening with Foreign Minister @araghchi of Iran on the latest developments regarding the ongoing conflict. We agreed to remain in touch.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 10, 2026
लगभग दो हफ़्ते से US और ईरान के बीच मिलिट्री टकराव जारी है, और होर्मुज स्ट्रेट, जो एक स्ट्रेटेजिक तेल का रास्ता है, दोनों पक्षों के बीच एक फ्लैशपॉइंट बन गया है. ईरान ने इस पर कंट्रोल कर लिया है और US इस दावे को चुनौती दे रहा है.
ईरान पर US-इज़राइली हमलों के बाद से जहाज़ों का आना-जाना ज़्यादातर रुका हुआ है, जिसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की.
होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान की चेतावनी
भारतीय जहाज़ों को यह रास्ता ऐसे समय में मिला है जब ईरान ने कड़ी चेतावनी दी है और होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाज़ों से कहा है कि वे इस रास्ते का इस्तेमाल करने के लिए उसकी मंज़ूरी लें, नहीं तो हमला झेलना पड़ेगा.
IRGC नेवी के कमांडर, ईरानी नेवी ऑफिसर रियर-एडमिरल अलीरेज़ा तांगसिरी ने कहा कि बुधवार को स्ट्रेट में दो जहाज़ों को निशाना बनाया गया, जिन्होंने ईरान की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया था.
ईरानी जनरल ने X पर एक पोस्ट में कहा, “क्या जहाज़ों को होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित गुज़रने का भरोसा दिया गया था? यह बात एक्सप्रेस रोम और मयूरी नारी जहाज़ों के क्रू से पूछी जानी चाहिए, जिन्होंने आज खोखले वादों पर भरोसा करके चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया और स्ट्रेट पार करने का इरादा किया, लेकिन पकड़े गए. कोई भी जहाज़ जो गुज़रना चाहता है, उसे ईरान से इजाज़त लेनी होगी.”
रोज़ाना 20 मिलियन बैरल से ज़्यादा कच्चा तेल, जो दुनिया भर में तेल की खपत का लगभग पांचवां हिस्सा है, होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रता है जो ईरानी तट को ओमान से अलग करता है. दुनिया की लिक्विफाइड नेचुरल गैस का एक बड़ा हिस्सा भी इसी रास्ते से गुज़रता है. जब यह फ्लो थोड़ी देर के लिए भी रुकता है, तो इसका असर दुनिया भर के फाइनेंशियल मार्केट, सप्लाई चेन और घरों के बजट पर पड़ता है.

