Auto-Taxi Strike: गुरुवार को दिल्ली एनसीआर में ऑटो और टैक्सी चालक यूनियनों ने दो दिवसीय हड़ताल कर रखी है. इस हड़ताल के चलते सुबह से ही दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के कुछ हिस्सों में परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
ओला-उबर बंद करने की है मांग
दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा ने कहा कि ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटर उनकी आजीविका को प्रभावित कर रहे हैं और उनकी कमाई खा रहे हैं. उन्होंने कहा, “यह हड़ताल नौकरियों को बचाने और ऑटो और टैक्सी चालकों के परिवारों के लिए प्रावधान करने के लिए है.”
उन्होंने बताया कि , कैब सेवा देने वाले समेत करीब 15 ऑटो और टैक्सी यूनियन हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं.
Auto-Taxi Strike: टैक्सी और ऑटो का किराया बढ़ाने की है मांग
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए एक टैक्सी चालक ने कहा, “यात्री उन्हें (ओला, उबर) 20 रुपये प्रति किलोमीटर देते हैं और हमें केवल 8-9 रुपये प्रति किलोमीटर देते हैं। यह बहुत कम है; सीएनजी भी बहुत महंगी है…हम मांग करते हैं कि हमारी दर (टैक्सी) कम से कम 15-20 रुपये प्रति किलोमीटर होनी चाहिए.”
हड़ताल का कोई असर नहीं- दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव
वहीं, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ के महासचिव राजेंद्र सोनी ने कहा कि हड़ताल अप्रभावी है क्योंकि शहर में ऑटो और काली-पीली टैक्सियाँ चलती रहती हैं.
सोनी ने कहा, “दो दिवसीय हड़ताल अप्रभावी है क्योंकि ऑटो और टैक्सियाँ सड़कों पर चलती रहती हैं. मेरी यूनियन और करीब पांच अन्य यूनियन हड़ताल में भाग नहीं ले रही हैं क्योंकि ऐप-आधारित कैब प्रदाता ऑटो के सीधे प्रतिस्पर्धी नहीं हैं. हम हड़ताल पर नहीं हैं,”
वहीं दिल्ली में एक यात्री सौरभ ने कहा, “टैक्सी नहीं मिल रही है, काफी समय से ऑनलाइन कैब भी बुक करने की कोशिश कर रहा हूं लेकिन बुकिंग नहीं हो रही है. ऑटो चालक मनमाना पैसा मांग रहे हैं.”
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