पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्या ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र में मोदी सरकार के मई 2014 से मई 2026 तक के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'झूठ और फरेब का बेमिसाल दौर' करार दिया है। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया, बल्कि मुख्यधारा की मीडिया और सरकार समर्थकों पर भी जमकर निशाना साधा। अपने इस विरोध को दर्ज कराने के लिए रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक खास एआई (AI) जेनरेटेड तस्वीर भी साझा की है।
वादों और हकीकत की तुलना में सरकार पूरी तरह विफल: रोहिणी
राजद नेता रोहिणी आचार्या ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भाजपा के समर्थक और अंधभक्त बिना किसी तर्क, तथ्य या विवेक के पिछले 12 वर्षों को मोदी सरकार का गौरवशाली काल बताने में जुटे हैं। लेकिन अगर पिछले 12 सालों में जनता से किए गए वादों और आज की जमीनी हकीकत की निष्पक्ष और तार्किक तुलना की जाए, तो एक ही निष्कर्ष निकलता है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि इस सरकार की नीति सिर्फ यही रही है कि 'झूठ को इतना बड़ा बनाओ और उसे बार-बार दोहराओ' ताकि लोग फरेब के जाल में फंस जाएं और इस तरह देश की जनता को ठगा जाता रहे।
मुख्यधारा की मीडिया और समर्थकों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री पर हमले के साथ ही रोहिणी आचार्या ने मीडिया के एक बड़े हिस्से की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की प्रायोजित मीडिया का एक बड़ा तबका सरकार से जरूरी और तीखे सवाल पूछने से पूरी तरह कतराता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिना किसी ठोस आधार और तथ्यों के सरकार की हर बात का आंख मूंदकर समर्थन करने वाले लोग जनता के सामने झूठी तस्वीर पेश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एआई तस्वीर साझा कर उठाए महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे
केंद्र सरकार की घेराबंदी करते हुए रोहिणी आचार्या ने अपने आधिकारिक अकाउंट से एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा तैयार की गई डिजिटल तस्वीर भी पोस्ट की है। इस तस्वीर के शीर्ष पर 'मोदी सरकार के बारह साल, झूठ और फरेब बेमिसाल' लिखा हुआ है। इस ग्राफिक के माध्यम से देश में लगातार बढ़ रही रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने के राशन की कीमतों (महंगाई) को दर्शाया गया है। इसके साथ ही इस पोस्ट के जरिए युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की दयनीय स्थिति, कथित भ्रष्टाचार और उद्योगपतियों से नजदीकियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
'अच्छे दिन' और '15 लाख' जैसे पुराने वादों की दिलाई याद
रोहिणी द्वारा साझा की गई इस तस्वीर में केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में किए गए बड़े वादों की एक सूची भी दिखाई गई है। इसमें 'सबका साथ-सबका विकास', 'भ्रष्टाचार मुक्त भारत', 'अच्छे दिन', हर खाते में '15 लाख रुपये' और सालाना '2 करोड़ नौकरियां' देने जैसे दावों का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा गया है कि 12 साल बीत जाने के बाद भी ये चुनावी वादे हकीकत में क्यों नहीं बदल सके।

