पटना | बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पटना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने खान सर के प्रतिद्वंदी माने जाने वाले 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो करीबियों को हिरासत में ले लिया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-1) ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे उपद्रव और हमले के पीछे छिपी मुख्य साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
प्रतिद्वंद्वी कोचिंग के निदेशक हिरासत में, साजिश की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद पुलिस की सुई सीधे उनके व्यावसायिक प्रतिस्पर्धियों की ओर घूमी है। हिरासत में लिए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद पर आरोप है कि उनके संस्थान से जुड़े तत्वों ने ही इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोचिंग के बाहर हंगामा खड़ा करने और दहशत फैलाने की योजना किसने तैयार की थी। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि खान सर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इसके साथ ही, पुलिस ने छात्रों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई उपद्रवियों की पहचान, एक युवक घायल
इस पूरे घटनाक्रम पर सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमले में शामिल लोग सड़क के दूसरी तरफ स्थित कोचिंग संस्थान से ही ताल्लुक रखते हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। अब तक करीब दस से बारह हुड़दंगियों की पहचान पुख्ता की जा चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है, जिसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कम फीस में पढ़ाने और छात्रों की सफलता से उपजा विवाद: खान सर
गौरतलब है कि दो जून की रात खान सर की कोचिंग के समीप अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस जानलेवा हमले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने सीधे तौर पर कहा कि कुछ लोगों को सबसे बड़ी समस्या इस बात से है कि हम इतनी कम फीस में गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा क्यों दे रहे हैं। जब हमारी कोचिंग से पढ़कर हजारों असहाय और निर्धन छात्र परीक्षाओं में सफलता हासिल करने लगते हैं, तो कुछ असामाजिक और रसूखदार तत्वों को अपने व्यापार का डर सताने लगता है। वे लोग गोलीबारी और डराने-धमकाने जैसी हरकतों से हमारी आवाज को दबाना चाहते हैं, लेकिन कानून के रहते वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे।

