पटना: सरकार के आदेश के आलोक में आज पटना जिला के अलग अलग पंचायतों में अधिकारियों ने हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली नालियां, विद्यालयों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों, जन वितरण प्रणाली की दुकानों, अधिप्राप्ति केन्द्रों, ग्रामीण सड़क निर्माण, मनरेगा योजना, ग्रामीण आवास योजना, पंचायत सरकार भवनों, पेंशन योजना, राजस्व एवं अन्य संबंधी मामलों का निरीक्षण किया.
किस तरह हुआ निरीक्षण?
निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी, पटना डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने कुल 77 पंचायतों की जांच कराई . जिसमें हर एक पंचायत में 15 योजनाओं की जांच की गई. 77 पंचायतों के निरीक्षण के लिए जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तरीय और अंचल स्तरीय पदाधिकारियों को तैनात किया गया था. जिसमें से हर एक पदाधिकारी को एक-एक ग्राम पंचायत की ज़िम्मेदारी सौंपी गई.
पदाधिकारियों ने हर आवंटित ग्राम पंचायत में स्थलीय भ्रमण कर निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में हर घर नल का जल योजना अंतर्गत घरों में लगे कनेक्शन, योजना की गुणवत्ता, विद्यालयों में छात्रों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय भवन, पेयजल, छात्रावास, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी का संचालन, जन वितरण प्रणाली की दुकानों से राशन/किरासन तेल का उठाव, भंडारण का सत्यापन, अधिप्राप्ति केन्द्र के खुलने और उसके संचालन की स्थिति, ग्रामीण सड़क निर्माण का अनुश्रवण, मनरेगा योजना अंतर्गत मजदूरी भुगतान, मस्टर रोल संधारण, ग्रामीण आवास योजनाएँ, पंचायत सरकार भवन, पेंशन वितरण की स्थिति आदि बिन्दुओं पर विस्तृत जांच की गई.
डीएम ने क्या कहा?
डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को संवेदनशील बनाने के लिए समय-समय पर योजनाओं की जांच की जा रही है. विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है.

