पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों के सफल कार्यकाल को पूरा करने के ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए एक विस्तृत पत्र प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में एक सशक्त और समृद्ध बिहार अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने राज्य की महान सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और शैक्षणिक विरासत को याद करते हुए सूबे के सर्वांगीण विकास में केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने आर्यभट्ट, चाणक्य और नालंदा जैसे गौरवशाली अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ही राजगीर में नए नालंदा विश्वविद्यालय के रूप में इस विरासत को दोबारा पुनर्जीवित किया जा सका है। साथ ही लोकनायक जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति और जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को बिहार के लिए अत्यंत सम्मान का विषय बताया।
केंद्रीय सहयोग से बदला बिहार के बजट और बुनियादी ढांचे का स्वरूप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि बिहार के चहुंमुखी विकास में केंद्र सरकार की ओर से लगातार भारी आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने वर्ष 2015 में घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को याद दिलाया, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा सड़कों और पुलों के जाल को बिछाने में खर्च किया गया। वर्तमान में बिहार सरकार का कुल बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें राज्य के अपने संसाधनों से करीब 75 हजार करोड़ रुपये ही जुटते हैं, जबकि शेष विशाल धनराशि केंद्रीय करों की हिस्सेदारी और विभिन्न अनुदानों के रूप में प्राप्त हो रही है। इसी सहयोग के चलते वर्ष 1934 के भूकंप के बाद दो हिस्सों में बंटे मिथिलांचल को कोसी महासेतु के जरिए दोबारा जोड़ा गया। इसके साथ ही गंगा नदी पर गांधी सेतु का कायाकल्प, मोकामा में छह लेन का पुल, मुंगेर में श्रीकृष्ण सेतु और पटना समेत भागलपुर में नए पुलों का निर्माण इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।
एक्सप्रेस-वे, आधुनिक एयरपोर्ट और स्वास्थ्य सेवाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार
बिहार में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देशों पर पहली बार पांच नई एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों और पटना मेट्रो के तेज काम के अलावा इस साल हाई स्पीड ट्रेन की भी बड़ी घोषणा हुई है। उड्डयन क्षेत्र में पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल, दरभंगा और पूर्णिया में नए हवाई अड्डों के विकास तथा बिहटा एयरपोर्ट के कार्य ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। चिकित्सा के क्षेत्र में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग से दरभंगा में सूबे का दूसरा एम्स आकार ले रहा है, जबकि पांच नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण और बेहतर सिंचाई के लिए बागमती-बूढ़ी गंडक और कोसी-मेची जैसी बड़ी रिवर लिंक परियोजनाओं को रफ्तार मिली है, जिसकी प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना के तहत नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
सांस्कृतिक धरोहरों का कायाकल्प और करोड़ों गरीबों को मिला जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ
विकास कार्यों के समानांतर बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माता सीता की जन्मस्थली पर भव्य मंदिर का निर्माण शुरू किया गया है, जिसे राम-जानकी पथ और रेल सेवा के माध्यम से सीधे अयोध्या से जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त नालंदा और गयाजी में भी विशेष कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की दूरगामी योजनाओं से सूबे के करोड़ों नागरिकों को सीधा संबल मिला है, जिसमें आयुष्मान भारत योजना से लगभग 5 करोड़ लोग, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से 1 करोड़ किसान परिवार तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत करीब 8 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। पत्र के समापन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के इस कार्यकाल को देश और बिहार के लिए एक स्वर्णिम युग बताते हुए कामना की कि आगे भी इसी तरह के सहयोग से 'समृद्ध बिहार' का सपना साकार होता रहेगा।

