Saturday, February 14, 2026

9 महीने के टूर पर निकलेंगी मधुमक्खियां, लौट कर किसानों को कर देंगी मालामाल

गया : कभी आपने अलादीन के चिराग या फिर सोने के अंडे देने वाली मुर्गी के बारे में सुना है . बचपन में बहुत बार सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी पैसों की बारिश करने वाली या मालामाल बनाने वाली मधुमक्खियों के बारे में सुना है . नहीं सुना तो आज सुन लीजिये . हम आपको एक गज़ब की खबर बताने जा रहे हैं . ये खबर जुड़ी है बिहार की कुछ ख़ास प्रजाति की मधुमक्खियों से जो अब 9 महीनों के लिए भारत भ्रमण पर निकलेंगी और जहाँ जहाँ डेरा डालेंगी वहां वहां लोग मालामाल होंगे .

बिहार के गया जिले की मधुमक्खियां नवंबर महीने से टूर पर निकलेंगी. ये टूर भारत के कई राज्यों तक जाएगा जैसे कि बिहार, झारखंड,एमपी छत्तीसगढ़ व राजस्थान. इन सभी राज्यों से गुजरने के लिए कुल 2500 किमी का सफर तय करेंगी. फिर वहां के खेतों में वे एक-एक महीने तक रहेंगी लेकिन इन मधुमक्खियों का ट्रिप कई परिवारों का रोज़गार बनेगा.

आपको बता दें मधुमक्खियों को ट्रिप पर भेजने के लिए ख़ास तैयारी भी की गई है . जिले के सभी बड़े और छोटे मधुमक्खी पालने वाले किसानों ने तैयारी कर ली है. इस ट्रिप पर मधुमक्खियों के साथ-साथ उनके पालने वाले भी होंगे.
शहर के सबसे बड़े मधुमक्खी पालन करने वाले किसान के मुताबिक जिले में अभी वैसे फसल नहीं लगाए जाते हैं जिनके फूल का रस मधुमक्खियां चूस सकें. मधुमक्खियां रस के लिए हर साल नवंबर महीने से आठ महीने तक ट्रिप पर रहती हैं. सबसे पहले झारखंड फिर एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान और लीची के समय में मुजफ्फरपुर होते हुए वापस गया ज़िले में प्रवेश करती हैं .
किसानों का कहना है कि झारखंड के कई जिलों में वनतुलसी की खेती होती है तो मधुमक्खियों के इन बॉक्स को वहां पर रखा जाता है. वहां से उसका रस चूसती हैं. इसके बाद राजस्थान में सरसों का फूल से रस निकालेंगी. उसके बाद यह मधुमक्खियां इसी तरह ट्रिप पर रहती हैं और उनके साथ मधुमक्खी पालक भी रहते हैं जो बॉक्स को अलग अलग जगहों पर लेकर जाते हैं.
ये ट्रिप पूरे नौ महीने तक चलती है . जिसके बाद टूर पर एक बॉक्स से लगभग 50 किलोग्राम शहद निकाली जाती है. इसी तरह कुल तीन हजार बॉक्स से एक लाख 50 हजार किलोग्राम शहद निकाली जाएगी जिससे मधुमक्खी पालक किसानों को करोड़ों रुपये की आमदनी होगी. वहीं शहद की क्वालिटी भी उत्तम होती है. सारे शहद की पैकिंग कर बिक्री के लिए बाजारों में उपलब्ध कराया जाता है.
मधुमक्खी पालन से जहां शहद से आमदनी होती है वहीं जिस क्षेत्र में बॉक्स रखा जाता है वहां के फसलों की पैदावार भी बढ़ती है.
तो इस तरह गया की मधुमक्खियां सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की तरह किसानों को मालामाल बनाती हैं.

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