Thursday, February 12, 2026

विपक्ष की मांग के बीच संसद के मानसून सत्र की घोषणा,सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार

Parliament Monsoon Session : भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद लगातार विपक्ष सरकार से लगातार संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहा है. इस बीच बुधवार संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार ने मानसून सत्र के लिए तारीख तय कर लिया है.संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरु होकर 12 अगस्त तक चलेगा.

Parliament Monsoon Session: सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार  

तारीख की घोषणा करते हुए रिजिजू ने कहा कि नियमों के तहत सरकार सत्र में किसी भी मुद्दे पर चर्चा को तैयार है. रिजिजू ने या भी बताया कि संसद के मानसून सत्र में सरकार  हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग लाने का प्रस्ताव भी पेश कर सकती है.

विपक्ष ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष सत्र की कर रहा था मांग

केंद्र सरकार ने मानसून सत्र का ऐसान विपक्ष के ‘स्पेशल सेशन’ की मांग के बीच किया है. विपक्ष सरकार से लगातार पहलगाम हमला के बाद हुए ऑपरेशन सिंदूर पर सारी जानकारी के लिए और पाकिस्तान के साथ हुए सीजफायर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान और हमारे CDS अनिल चौहान के युद्ध पर हुए नुकसान के बारे में सिंगापुर में दिए बयान पर लगातार चर्चा की मांग कर रहा है.

 इंडिया गठबंधन ने पीएम मोदी को लिखा था पत्र

विशेष सत्र के मांग के साथ कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन ने 3 जून को दिल्ली में बाठक किया , जिसमें विपक्ष के 17 दल शामिल हुए थे. बैठक में सभी दलों ने सर्वसम्मति से संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए पीएम मोदी को पत्र लिखाथा. जिसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मानसून सत्र के लिए तारीख की घोषणा कर दी है. पाकिस्तान के खिलाफ चलाये गये ऑपरेशन सिंदूर के बाद संसद का ये पहला सत्र होगा.

पहलगाम हमला-ऑपरेशन सिंदूर सहित सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सरकार का कहना है कि आगामी मानसून-सत्र के दौरान अगर विपक्ष नियमों के तहत चर्चा की मांग करेगा तो सरकार पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए तैयार हैं.

जस्टिस यशंवत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी

रिजिजू ने बताया ये भी बताया कि सरकार इसी सत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की भी तैयारी में हैं. जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला है, इसमें किसी भी तरह की राजनीति की गुंजाइश नहीं है.

पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना ने की थी महाभियोग की सिफारिश

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच में भ्रष्ट्राचार की पुष्टि होन क बाद सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन जज संदीव खन्ना ने महाभियोग चलाने की सिफारिश की थी. अपने घर पर करोड़ के नोट मिलने के मामले में जस्टिस खन्ना को ठोस जवाब नहीं दे पाये थे जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ महाभियोग की सिफारिश की थी.  तत्कालीन चीफ जस्टिस  संजीव खन्ना ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आई जांच रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी को भेजी थी.

जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट बंद लिफाफे में कोर्ट में हुई थी पेश

जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जो जांच रिपोर्ट आई उसे सार्वजनिक नहीं किया गया था. सूत्रों के मुताबिक सरकार जस्टिस वर्मा के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से पहले विपक्षी दलों को भी विश्वास में लेंगी. सरकार का मानना है कि इस तरह के घोटाले को नजरअंदाज करना मुश्किल है.

Latest news

Related news