Monday, January 26, 2026

RBI monetary policy: ट्रंप टैरिफ का दिखा डर, केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट घटाकर 6% किया, सस्ती होंगी EMI

RBI monetary policy: बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 26 के लिए अपनी पहली मौद्रिक नीति का खुलासा किया. लंबे अंतराल के बाद आरबीआई ने रेपो रेट घटाने का एलान किया. ये एलान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी से वैश्विक बाज़ार में तनाव बढ़ने लगा है.

नए वित्त वर्ष की शुरुआत चिंताजनक तरीके से हुई है- RB गवर्नर

RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत चिंताजनक तरीके से हुई है. RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा, “वैश्विक आर्थिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है. हाल ही में व्यापार टैरिफ से संबंधित उपायों ने सभी क्षेत्रों में आर्थिक परिदृश्य पर छाई अनिश्चितताओं को और बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक विकास और मुद्रास्फीति के लिए नई चुनौतियां पैदा हो गई हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि, “इस उथल-पुथल के बीच, अमेरिकी डॉलर काफी कमजोर हुआ है, बॉन्ड यील्ड में काफी नरमी आई है, इक्विटी बाजारों में सुधार हो रहा है और कच्चे तेल की कीमतें तीन साल से अधिक समय में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं.”

केंद्रीय बैंक ने ईवीएम घटाने कम की रेपो रेट

फरवरी में अपनी पिछली नीति समीक्षा में, RBI ने बेंचमार्क रेपो दर को 25 आधार अंकों से घटाकर 6.25% कर दिया था, जो लगभग पांच वर्षों में पहली दर कटौती थी. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के बारे में अधिक जानकारी इस प्रकार है.

-ऋण ईएमआई को कम करने के लिए एक बड़े कदम के रूप में, आरबीआई ने लगातार दूसरी बार रेपो दर को 6.25% से घटाकर 6.% कर दिया है, ताकि अमेरिका द्वारा लगाए गए पारस्परिक शुल्कों से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके.

जीडीपी वृद्धि के पूर्वानुमान को भी घटाया

-आरबीआई ने वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण जीडीपी वृद्धि के पूर्वानुमान को भी 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया है.
-तिमाही-वार जीपीडी वृद्धि अनुमान इस प्रकार है: पहली तिमाही में 3.6%; दूसरी तिमाही में 3.9%; तीसरी तिमाही में 3.8%; चौथी तिमाही में 4.4%.
-वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4% रहने का अनुमान है, जिसमें पहली तिमाही में 3.6%; दूसरी तिमाही में 3.9%; तीसरी तिमाही में 3.8%; और चौथी तिमाही में 4.4% रहने का अनुमान है.
आरबीआई ने कहा कि इस वर्ष सब्जियों की कीमतों में मजबूत मौसमी सुधार के कारण फरवरी में खाद्य मुद्रास्फीति 21 महीने के निम्नतम स्तर 3.8% पर आ गई.

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