ATM ट्रांजैक्शन पर अब ज्यादा शुल्क, RBI की मंजूरी के बाद 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम

ATM Transactions : अगर आप ATM से पैसा निकालने के लिए जाते हैं तो आपको  1 मई से ज्यादा शुल्क देना होगा. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम इंटरचेंज फीस में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जो  1 मई 2025 से लागू हो जोयेगी. इस फैसले से बैंक ग्राहकों के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों तरह के लेन-देन प्रभावित होंगे. आरबीआई ने वित्तीय लेन-देन के लिए शुल्क में 2 रुपये की वृद्धि को मंजूरी दी है, जो 17 रुपये से बढ़कर 19 रुपये हो गया है. बैलेंस पूछताछ जैसे अन्य गैर-वित्तीय लेन-देन में भी 1 रुपये की वृद्धि होगी, जिससे 6 के बजाय 7 रुपये हो जाएंगे.

ATM Transactions :  5 बार मुफ्त में पैसा निकालने की अनुमति 

अलग-अलग बैंकों के एटीएम पर ग्राहकों को हर महीने सीमित संख्या में मुफ़्त लेनदेन की अनुमति होती है. मेट्रो क्षेत्रों में, ग्राहकों को 5 लेनदेन दिए जाते हैं जबकि गैर-मेट्रो क्षेत्रों में 3 बार यह सुविधा मिलती है. अगर मुफ्त लेनदेन की संख्या पार हो जाती है, तो ग्राहकों को जो अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है, उसे पहले से ही उच्च इंटरचेंज शुल्क के कारण बढ़ाया जा सकता है.

इंटरचेंज शुल्क क्या होता है?

इंटरचेंज शुल्क वह शुल्क है जो एक बैंक दूसरे बैंक को तब देता है जब ग्राहक अपने होम बैंक से जुड़े हुए एटीएम का उपयोग नहीं करता है. इसमें अलग-अलग बैंकों के लिए विशिष्ट कार्डधारक को सेवा प्रदान करने के लिए एटीएम रखने वाले बैंक से जुड़ी लागत शामिल है. इन एटीएम शुल्क परिवर्तनों को अंतिम बार जून 2021 में अपडेट किया गया था.

इस तरह ज्यादा चार्ज देने से बचें 

  • निःशुल्क लेनदेन सीमा का लाभ उठाने के लिए अपने बैंक के एटीएम से लेनदेन करें.
  • निःशुल्क लेनदेन सीमा के भीतर रहने के लिए अपने एटीएम निकासी पर नजर रखें.
  • नकद निकासी पर निर्भरता कम करने के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और ऑनलाइन भुगतान विधियों का उपयोग करें.

Latest news

Related news