Friday, February 13, 2026

Students Protest: BJP का मॉडल है- अडानी को देश का धन और RSS को देश के सारे संस्थान सौंप देना-राहुल गांधी

Students Protest: सोमवार को इंडिया ब्लॉक पार्टियों से जुड़े कई छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया. जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लेने, नियुक्तियों पर यूजीसी के मसौदा दिशा-निर्देशों और छात्र संघों की बहाली की मांग की गई. इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए और उन्होंने जमकर आरएसएस और बीजेपी पर निशाना साधा.
नेता विपक्ष ने INDIA गठबंधन के स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन के प्रदर्शन में छात्रों को संबोधित भी किया और कहा, RSS-BJP के लोग आज शैक्षणिक संस्थानों पर कब्जा कर रहे हैं.

अडानी को देश का धन और RSS को देश के सारे संस्थान सौंप देना-राहुल गांधी

नेता विपक्ष राहुल गांधी में कहा, “कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने कुंभ मेले पर भाषण दिया। मैं वहां बोलना चाहता था कि कुंभ मेले पर बात करना बहुत अच्छा है, पर आपको भविष्य के बारे में भी बात करनी चाहिए. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी बेरोजगारी और महंगाई पर एक शब्द नहीं बोलते हैं. BJP का मॉडल है- अडानी को देश का धन और RSS को देश के सारे संस्थान सौंप देना. हम इसके खिलाफ एक हैं और साथ मिलकर लड़ेंगे. “

हमारी शिक्षा व्यवस्था RSS के हाथ में चली गई तो देश में किसी को रोजगार नहीं मिलेगा- राहुल गांधी

छात्रों के प्रदर्शन में राहुल गांधी ने कहा, “आज RSS हिंदुस्तान के भविष्य और उसके एजुकेशन सिस्टम को खत्म करने में लगा है. अगर हमारी शिक्षा व्यवस्था RSS के हाथ में चली गई तो देश में किसी को रोजगार नहीं मिलेगा और देश बर्बाद हो जाएगा. आज हिंदुस्तान की यूनिवर्सिटीज में सारे वाइस चांसलर RSS के चुने हुए हैं. वहीं आने वाले समय में स्टेट यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर भी RSS के चुने हुए लोग ही बनेंगे. ये देश के लिए खतरनाक है और हमें इसे रोकना है.”

प्रदर्शन में इंडिया गठबंधन के छात्र संगठन शामिल थे

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF), समाजवादी छात्र सभा और छात्र राष्ट्रीय जनता दल (CRJD) के सदस्यों और अन्य ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया.

Students Protest: क्या है छात्र संगठनों की मांग

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष छात्र संघ चुनाव, आरक्षित श्रेणी की सीटों को भरने और छात्रवृत्ति जारी रखने की मांग की.
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का भी विरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मसौदा विनियमों का भी विरोध किया.

ये भी पढ़ें-Kunal Kamra controversy: ‘गद्दार को गद्दार कहना गलत नहीं’, कामरा विवाद पर बोले उद्धव ठाकरे

Latest news

Related news