#GujratElection2022:कौन है इंद्रनील राजगुरु जिसने चुनाव से ठीक पहले छोड़ा AAP का साथ ?

अहमदाबाद

गुजरात में चुनावी पारा चढ़ता ही जा रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए इंद्रनील राजगुरु ने चुनाव से ठीक पहले आप छोड़कर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली है. इंद्रनील कांग्रेस छोड़कर ही आम आदमी पार्टी में आये थे. चुनाव से ठीक पहले राजगुरु के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

इंद्रनील राजगुरु के पार्टी छोड़ने की असली वजह क्या है?

राजगुरु के पार्टी छोड़ने की असली वजह तो खुल कर सामने नहीं आई है लेकिन आप पार्टी के मुताबिक इंद्रनील गुजरात विधानसभा की 15 सीटों पर अपनी पंसद के उम्मीदवार खड़े करना चाहते थे, साथ ही खुद को गुजरात का सीएम कैडिडेट बनाने के लिए दवाब डाल रहे थे. वहीं आम आदमी पार्टी ने गुजरात में सीएम के पद के लिए सर्वे करवाया था,जिसमें इंद्रनील राजगुरु के पक्ष में बेहद कम वोट मिले थे, बहुमत इसुदन गढ़वी के पक्ष मे था .पार्टी से राजगुरु की नाराजगी तब  खुलकर सामने आ गई जब वो सीएम उम्मीदवार की घोषणा के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए

पार्टी छोड़ते हुए क्या कहा इंद्रनील राजगुरु ने

राजगुरु कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में हाल ही में शामिल हुए थे. आप छोड़ते हुए राजगुरु ने कहा कि मैं हमेशा से कांग्रेस के साथ था, मेरा जाना मेरी पार्टी को कभी भी मंजूर नहीं था. मैं आम आदमी पार्टी में बीजेपी को हराने के लिए शामिल हुए था.लेकिन मुझे लगा कि ये लोग भी बीजेपी की ही तरह लोगों को गुमराह करते हैं.

जाते जाते राजगुरु ने आप ,संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाया . राजगुरु ने पार्टी छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि उनहें लगता था कि ये लोग (AAP ) भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं लेकिन ऐसा नहीं है. यहां हवाई जहाज में भर कर पैसा लाया जा रहा है. इसलिए पार्टी छोड़ दी.

 

इंद्रनील के जाने से AAP को कितना नुकसान ? 

इंद्रनील राजगुरु सौराष्ट्र के कद्दावर नेता हैं. गुजरात की  कुल 182 सीटों में से 54 सीटें सौराष्ट्र से आती हैं.पिछले चुनाव में यहां 54 में से 30 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था.बीजेपी मात्र 23 सीटों पर सिमट गई थी.इस बार आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.इंद्रनील राजगुरु के प्रभुत्व को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा था कि आमआदमी पार्टी यहां से कुछ सीटें निकाल सकती हैं, लेकिन अब इंद्रनील के पार्टी से जाने से माना जा रहा है कि आप को झटका लगेगा.

कौन हैं इंद्रनील राजगुरु

इंद्रनील राजगुरु ने 2012 में राजकोट पूर्व से विधानसभा चुनाव जीता था, 2017 में उसे कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रुपानी के खिलाफ राजकोट पश्चिम से उतारा गया था, लेकिन वहां वो चुनाव हार गये थे.एक साल बाद 2018 में काग्रेस  पार्टी से ये कहते हुए इस्तीफा दिया कि पार्टी चलाने के तरीके से वो खुश नहीं है.फिर 2019 में कांग्रेस में वापस लौट आये . 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार भी किया . फिर कांग्रेस छोड़ कर आप में शामिल हुए. अब फिर चुनाव से टीक पहले कांग्रेस में वापस गये हैं

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